राहुल चावला,कांगड़ा: समर सीजन में हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतरीन फ्लाइट्स कनेक्टिविटी देने के लिए प्रयास तेज हो गए हैं। एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाई जा रही हैं। 26 मार्च से समर सीज़न शुरू हो चुका है, और सीज़न के शुरू होते ही कांगड़ा के एयरपोर्ट से फ्लाइट्स की संख्या बढ़नी भी शुरू हो गई हैं। फिलहाल कांगड़ा एयरपोर्ट से 24 फ्लाइट्स में से 20 ने मूवमेंट करनी शुरू कर दी हैं। आसानी से फ्लाइट्स कनेक्टिविटी होने के चलते अब देश-दुनिया से वीआईपी-वीवीआईपी समेत सैकड़ों सैलानियों ने भी पर्यटन नगरी धर्मशाला और कांगड़ा का रुख करना शुरू कर दिया हैं। आए दिन सैकड़ों लोग सिर्फ फ्लाइट्स की मार्फत ही कांगड़ा में पहुंच रहे हैं जो कि प्रदेश के राजस्व की लिहाज़ से बेहद सुखद ख़बर हैं।
हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा एयरपोर्ट की सुरक्षा, सुगमता और खूबसूरती को मद्देनजर रखते इंडिगो जैसी नामी एवियेशन कंपनी ने पहली मर्तबा हिमाचल प्रदेश जैसे खूबसूरत सूबे की सरजमीं पर अपना कदम रख दिया हैं। इसका श्रेय भी कहीं न कहीं कांगड़ा एयरपोर्ट की खूबियों को ही जाता है, हालांकि इंडिगो ने फिलहाल दो फ्लाइट्स को ही कांगड़ा एयरपोर्ट पर उतारा हैं, मगर कंपनी देहरादून और दिल्ली से भी एक-एक फ्लाइट्स और बढ़ाने का मन बना चुकी हैं। वहीं स्पाइस जैट की कांगड़ा एयरपोर्ट से चार फ्लाइट्स चल रही हैं जो कि कांगड़ा से दिल्ली और दिल्ली से कांगड़ा के लिये दिनभर में 8 उड़ाने भरती हैं।
एलाइंस एयर की फ्लाइट्स भी कांगड़ा एयरपोर्ट का अहम हिस्सा हैं जो कि न केवल दिल्ली बल्कि चंडीगढ़ और शिमला को भी कनेक्ट कर रही हैं। इसके अलावा पवन हंस के चौपर भी कांगड़ा को शिमला और मंडी से कनेक्ट कर रहे हैं। कांगड़ा एयरपोर्ट के निदेशक धीरेंद्र सिंह की मानें तो आज की तारीख में कांगड़ा एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे बड़ा और व्यस्तम एयरपोर्ट में से एक हैं। आज सबसे ज्यादा फ्लाइट्स अगर कहीं से उड़ रही हैं तो वो सिर्फ कांगड़ा का एयरपोर्ट हैं। उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी इसका विस्तारीकरण भी होने वाला है, जिसके बाद इस एयरपोर्ट की व्यस्तता और अधिक हो जाएगी। धीरेंद्र सिंह ने कहा कि आज समूचे प्रदेश में पवन हंस हैलिकॉप्टर के जरिए उड़ान योजना को भी जमीन पर उतारा जा रहा है, जिसके लिए सरकार जगह-जगह हैलीपोर्ट बनाने की भी बात कह चुकी हैं।
