Dharamshala, Rahul-कुछ साल पहले गिद्धों की घटती संख्या को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन अब स्थिति बदली नज़र आ रही है। हाल ही में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट द्वारा करवाए गए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जिला कांगड़ा में लगभग 500 गिद्ध मौजूद हैं।
अध्ययन के अनुसार, कांगड़ा में सबसे अधिक संख्या व्हाइट रम्प्ड प्रजाति की है, जबकि अन्य 2 से 3 प्रजातियों के गिद्ध भी यहां पाए जाते हैं। वन्य प्राणी विभाग द्वारा गिद्ध संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं।वन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में गिद्धों के कई घोंसले देखे गए हैं और उनकी संख्या में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। विभाग का कहना है कि संरक्षण के तहत चलाए गए कार्यक्रमों से गिद्धों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।
सीसीएफ, वाइल्ड लाइफ धर्मशाला, सरोज भाई पटेल ने कहा कि “संरक्षण योजनाओं के कारण जिले में गिद्धों की आबादी स्थिर हो रही है और यह आगे भी बढ़ सकती है।
