संजु चौधरी, शिमला(TSN ): प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटन वाहनों पर परिवहन विभाग की ओर से सितंबर माह से टैक्स लगाया गया हैं। इस टैक्स के लगने से बाहरी राज्यों के ऑपरेटर प्रदेश में गाड़ियां नहीं भेज रहे हैं और अब बुकिंग केंसिल हो रही है जिससे पर्यटन कारोबार को नुक़सान हो रहा है और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। होटल एसोसिएशन ने सरकार से टैक्स बढ़ाने के फैसले को वापिस लेने की मांग की हैं।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने बताया कि सरकार की ओर से छह हजार प्रतिदिन का टैक्स लगाने से पर्यटकों की संख्या में काफी फर्क पड़ा हैं। बाहरी राज्यों से ग्रुप्स में पर्यटक हिमाचल आते हैं लेकिन टैक्स लगाने से गुजरात व महाराष्ट्र के ट्रैवल एजेंट ने हिमाचल को बायकॉट कर दिया हैं। आने वाले फेस्टिवल सीजन में भी इसका बहुत ज्यादा फर्क पड़ने वाला हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे पत्र भी लिखा गया है,उम्मीद है कि सरकार इसे जल्द कम करेगी।
वहीं शिमला टूर एंड ट्रेवल एसोसिएशन ने भी प्रदेश सरकार से पर्यटक वाहनों पर लगाया गया टैक्स वापस लेने की मांग की हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन पॉल ने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से बाहरी राज्यों से आने वाली टूरिस्ट बसों ओर टेंपो ट्रैवलर पर लगाए गए नए टैक्स के कारण हिमाचल के पर्यटन को करोड़ों का नुकसान हो रहा हैं। गुजरात, बंगाल ओर महाराष्ट्र से बहुत अधिक संख्या में पर्यटक ग्रुप में बसों ओर टेंपो ट्रैवलर में हिमाचल आते हैं,लेकिन सरकार ने सितंबर से जो नया टैक्स लगाया है उससे टूअर ऑपरेटरों के लिए हिमाचल में ग्रुप लेकर आना घाटे का सौदा बन गया हैं, ऐसे में अब बाहरी राज्यों के ऑपरेटर और टूर एंड ट्रेवल की ओर से हिमाचल में गाड़ियां नहीं भेजी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की ओर से टेंपो ट्रैवलर पर प्रतिदिन के हिसाब से टैक्स लगाया गया है काफी ज्यादा हैं। टूरिस्ट किराए पर बाहरी राज्यों से दो-तीन दिन के लिए गाड़ियां बुक करवा कर आते हैं ऐसे में यहां पर उन्हें प्रतिदिन 5 हज़ार रुपए टैक्स देना पड़ेगा तो कोई भी पर्यटक हिमाचल नहीं आएगा। ऐसे में सरकार को इस फैसले पर दोबारा से विचार करना चाहिए और जो टैक्स बढ़ाया गया है उसे वापस लेना चाहिए।
