हमीरपुर,10 सितम्बर (TSN)-राजकीय प्राथमिक पाठशाला जाहू कलां (सुलगवान) स्कूल परिसर में शादी करवाने के मामले में आरोपी महिला जेबीटी को हाईकोर्ट ने स्कूल में दो इलैक्ट्रीकल आरओ लगाने के आदेश दिए हैं।कोर्ट में माफी मांगने पर शिक्षिका को सजा के बजाए यह जुर्माना लगाया है। कोर्ट के आदेशों की अवमानना करते हुए पांच नवंबर 2021 को आरोपी शिक्षिका ने स्कूल परिसर में बेटे की शादी का आयोजन किया था।इस मामले में शिकायतकर्ता ने ईमेल के माध्यम से विभाग और स्कूल प्रशासन सूचित कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की थी।मामले में कोई कार्रवाई ने होने पर शिकायतकर्ता शशिकांत ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
शिकायतकर्ता शशिकांत ने हाइकोर्ट के साल 2012 के आदेशों का हवाला देते हुए याचिका दायर की थी। 2012 में हाईकोर्ट ने निर्णय लिया था कि सरकारी स्कूल परिसर में कोई भी राजनीतिक अथवा निजी कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे।बावजूद स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित होने पर मामला हाईकोर्ट में पहुंचा।याचिकाकर्ता शशिकांत ने सीएम हेल्पलाइन पर गोलमोल जवाब मिलने के बाद आरटीआई से तथ्य जुटाए और विभागीय कार्रवाई के दस्तावेजों सहित अप्रैल 2022 हाईकोर्ट में याचिका दायर की।इस याचिका में शिक्षा सचिव,निदेशक, उपनिदेशक,बीईईओ,हेडमास्टर, महिला शिक्षक को प्रतिवादी बनाया। मामले में शिक्षिका ने हाईकोर्ट से माफी मांगी जिसके बाद अदालत ने शिक्षिका को सजा सुनाने की बजाय स्कूल में चार सप्ताह के भीतर दो आरओ लगाने के आदेश दिए है। जबकि इस मामले में प्रतिवादी नंबर पांच हेडमास्टर को अगले माह 18 अक्तूबर को अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए है।हेडमास्टर सेवानिवृत हो चुके हैं ऐसे में दो दिन के भीतर हेडमास्टर का वर्तमान पता मुहैया करवाने के आदेश दिए गए हैं।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने यह फैसला सुनाया है। अब सेवानिवृत से पूछा गया है कि आखिर अदालत के आदेशों की अवमानना पर क्यों न उन्हें सजा सुनाई जाए।
स्कूल परिसर में लगाए थे टेंट,समारोह में स्टाफ और हेडमास्टर मौजूद
पांच नवंबर 2021 को यह कार्यक्रम स्कूल परिसर में आयोजित हुआ था। मामले में जब आठ नवंबर को बीईईओ उपनिदेशक के आदेशों पर जांच को पहुंचे तो शिकायत तो सही पाई गई लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। तीन माह तक सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर हुई कार्रवाई और आरटीआई के दस्तावेजों पर आखिरकर शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अब शिक्षिका की माफी के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
