राहुल चावला,पालमपुर: शहीद सौरभ कालिया की स्मृति में पालमपुर की न्यूगल खड्ड के साथ बंदला में बनाए गए सौरभ वन विहार की खूबसूरती निहारने और पिकनिक मनाने के लिए इन दिनों पर्यटकों की आमद में बढ़ोतरी देखी जा रही हैं, हालांकि एक वक्त था जब यही सौरभ वन विहार बाढ़ की चपेट में आने से कृत्रिम झील पूरी तरह से दलदल से भर गई थी। उसमें साफ पानी भी ख़त्म हो चुका था जिसके चलते पर्यटकों के लिए ये वन विहार बंद कर दिया गया था। मगर अब एक बार फिर से उसे साफ कर दिया गया है और एक बार फिर से यहां चहलकदमी बढ़ गई हैं।
कृत्रिम झील में सफाई करके फिर से डाले गए पानी में अब यहां पर पर्यटक नौकायान का भी लुत्फ उठा रहे हैं।
बता दें कि जुलाई 2018 और 2019 में न्यूगल खड्ड में भयंकर बाढ़ आई थी जिससे सौरभ वन विहार पूरी तरह से तहस नहस हो गया था, बावजूद इसके पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के प्रयास से सौरभ वन विहार को फिर ठीक करवाया गया हैं, इसलिए क्योंकि
सौरभ वन विहार शांता कुमार का ही ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। आज यहां पर आधुनिक टेंट व ट्री हट्स भी स्थापित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं जल शक्ति विभाग के माध्यम से सौरभ वन विहार को बाढ़ से बचाने के लिए अब साढ़े 6 करोड़ रुपए खर्च करके सुरक्षा दीवार भी लगाई गई हैं। इतना ही नहीं खड्ड के बहाव को सुगम बनाने के लिए गाहे-बगाहे जेसीबी से भी नदी का मलवा हटाया जाता रहा हैं।
बता दें कि पालमपुर के चाय बागान के बाद सौरभ वन विहार पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं और अब पालमपुर आने वाला पर्यटक सौरभ वन विहार में आना नहीं भूलता। सौरभ वन विहार के चौकीदार सुरजीत सिंह ने बताया कि वन विभाग ही इस वन विहार में व्यवस्थाओं को संचालित करता हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की सहूलियत का भी ख़ास ख़्याल रखा जाता है, पर्यटक यहां आकर बोटिंग और पहाड़ियों की खोहों, कंदराओं की आउटिंग कर सकते हैं, यहां जंगल में मंगल जैसा आभास होने लगता हैं।
किन्नौर से आये प्रशांत ने भी सौरभ वन विहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद अच्छा लगता है यहां की वादियां उन्हें सकूं प्रदान करती हैं।
