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Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > पांगी घाटी बनेगी प्राकृतिक खेती का आदर्श उप-मंडल
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पांगी घाटी बनेगी प्राकृतिक खेती का आदर्श उप-मंडल

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2025/04/27 at 9:56 AM
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Shimla,sanju (TSN)-चन्द्रभागा नदी के तट पर बसी पांगी घाटी के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है,क्योंकि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसे प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उप-मंडल घोषित किया है।सदियों से पारंपरिक खेती के बलबूते जीवनयापन कर रहे घाटीवासियों के लिए यह निर्णय आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।जिला प्रशासन भी इस घोषणा को तेजी से जमीनी स्तर पर लागू करने में जुट गया है।

पांगी घाटी की 19 पंचायतों में बसे लगभग 25 हजार लोग मुख्यतः कृषि और बागवानी पर निर्भर हैं। अब तक पारंपरिक खेती के चलते फसलें बीमारियों की चपेट में आ जाती थीं, लेकिन प्राकृतिक खेती अपनाने से उपज में वृद्धि होगी और किसानों की आय में भी इजाफा होगा।

भटवास गांव की रतो देवी बताती हैं कि उनके पूर्वज भी बिना रसायन के खेती करते थे। आज भी वह प्राकृतिक खेती में घनजीवामृत का उपयोग कर बेहतरीन उत्पादन ले रही हैं। पुंटो गांव की सावित्री देवी ने बताया कि इस खेती के लिए आवश्यक सामग्री घर पर ही उपलब्ध होती है, जैसे घनजीवामृत और जीवामृत। उन्होंने कहा कि पहाड़ी नस्ल की गायें इस खेती का आधार हैं, जिनके गोबर में लाभकारी जीवाणुओं की संख्या अन्य पशुओं से 300 से 500 गुना अधिक होती है।

लालदेई ने साझा किया कि प्राकृतिक खेती में फसल सुरक्षा के लिए खट्टी लस्सी, कन्नाई अस्त्र और अग्नि अस्त्र जैसे जैविक उत्पादों का प्रयोग किया जाता है। प्राकृतिक खेती उप-मंडल बनने से पांगी घाटी में जैविक उत्पादन को नई पहचान मिलेगी और किसानों की आय भी बढ़ेगी।

TAGGED: Shimla pangi valley
Chandrika April 27, 2025
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