बीबीएन : जगत सिंह – कहने को तो प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ है। एशिया की 45 फ़ीसदी दवाएं भी यहीं पर निर्मित होती है,जिससे प्रदेश और केंद्र सरकार के खाते में प्रतिदिन 1-1 करोड़ के आसपास टैक्स के रूप पैसा जमा होता है। बावजूद इसके औद्योगिक क्षेत्र में एक भी ऐसा अस्पताल नहीं है जहां पर घातक बीमारियों की चपेट में आए मरीजों का इलाज हो सके ।
क्षेत्र वासियों ने जहां सरकारों से यहां पर एक सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल खोलने की मांग उठाई है ।वही उद्योगपतियों ने कहा है कि क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी है । खास तौर पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं यहां पर बिल्कुल चरमरा चुकी है । लोगों को इलाज के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता है और महंगे दामों पर उनका इलाज करवाना पड़ रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि सरकार के खाते में प्रतिदिन एक करोड़ से ज्यादा की राशि टैक्स के रूप में जमा होती है, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार द्वारा यहां पर मूलभूत सुविधाओं से उद्योगपतियों एवं क्षेत्र वासियों को वंचित रखा गया है ।
किसी भी पार्टी की सरकार ने नहीं दिखाई गंभीरता
इस बारे में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी का कहना है कि सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या बीजेपी की यहां पर मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई है । खास तौर पर यहां स्वास्थ्य सेवाएं बिल्कुल ठप्प हो चुकी है और उद्योगों से निकलने वाले केमिकल युक्त जहरीले पानी के कारण सैकड़ो लोगों की मौ+त हो चुकी है और अब भी सैकड़ों लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में है और उन्हें इलाज के लिए बाहरी राज्यों का ही रुख करना पड़ता है। यहां पर एक नालागढ़ का सिविल अस्पताल है जिसे अब रेफर अस्पताल के नाम से भी जाना जाता है । स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री से भी बैठक की,मुख्यमंत्री से भी मिले लेकिन कुछ भी संभव नहीं हो पाया ।
सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल खोलने की मांग
क्षेत्र वासियों ने कहा है कि सरकार के खाते में करोड़ों रुपया देने वाला औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ है लेकिन यहीं पर सरकारों द्वारा अनदेखी की गई और यहां पर अब तक उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण से सैकड़ो की मौ+त हो चुकी है । उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से क्षेत्र में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल खोलने की मांग उठाई है, ताकि जो भी मरीज गंभीर बीमारियों की चपेट में आए उनका इलाज यही पर हो सके।
