सचिन शर्मा,केलांग: जिला मुख्यालय के साथ लगते बिलिंग गांव मे सोमवार को अलग की विधिवत छोरतैन रबनस पूजा की गई। 30 साल बाद आयोजित हुए धार्मिक अनुष्ठान में गाहर घाटी के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। बिलिंग के ग्रामीणों की ओर से स्थापित दो स्तूपा (छोरतैन) के कार्य पूर्ण होने की खुशी में यह अनुष्ठान 30 साल बाद मनाया गया।
स्थानीय निवासी सोनम लामा ने बताया कि छोरतैन स्थापित करने में गांव के सभी लोगों का विशेष योगदान रहा है।उन्होंने बताया कि बिलिंग गांव वासियों ने खंडर में तब्दील हुए स्तूपा का पुनर्निर्माण कर पवित्रीकरण ओर प्राण प्रतिष्ठा, अनुष्ठान, रमनस पूजा कर छोरतेंन को जनकल्याण के लिए समर्पित किया।
गाहर घाटी के दर्जनों लामाओं ने बोध परंपरा अनुसार स्तूप का रामनस कर बिलिंग गांव वासियों को समर्पित किया। इस पावन अवसर पर गांव के सभी पुरुष और महिलाओं ने खूब जश्न मनाया। इस दौरान रबनस पूजा , छोकस एवं धार्मिक झांकी निकाली गई।
