राकेश,ऊना: पंजाब के एक उद्योग के दूषित पानी से ऊना ओर पंजाब के बॉर्डर पर बसे सनौली मजारा गांव के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। यहां दूषित पानी आने से पर्यावरण को नुकसान होने के साथ ही लोगो को पीने के पानी और सिंचाई के लिए मुश्किल हो रही हैं। अपनी इस समस्या को लेकर गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से समाधान की गुहार भी लगाई हैं। सनौली मजारा व अन्य गांव के लोगों ने पंजाब बॉर्डर पर लगे एक उद्योग से निकलने वाले पानी से उनकी जमीन खराब होने और साथ ही वाटर लेवल और पर्यावरण के खराब होने का आरोप लगाया हैं।
गांव के लोगों की माने तो पानी दूषित होने के कारण पानी ना तो खाना बनाने के लायक है ना ही पीने के काम आ रहा हैं। उन्होंने कहा कि वह इस समाधान को लेकर कई बार अपनी शिकायतें प्रशासन के पास दर्ज करवा चुके हैं लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ हैं।
बुधवार को एक दर्जन के करीब लोग अपनी तमाम समस्या को लेकर डीसी ऊना से मिले और उन्होंने इस समस्या को जल्द हल किए जाने को लेकर अपना एक ज्ञापन डीसी ऊना राघव शर्मा को सौंपा हैं। किसानों का मानना हैं कि उन्हें पीने का पानी और सिंचाई के लिए पानी की बड़ी मुश्किल हो रही हैं, इसलिए सरकार से गुहार लगाते ही कि इस समस्या का समाधान किया जाए।
वहीं डीसी ऊना राघव शर्मा ने कहा है की एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला जिसमें उन्होंने पानी की समस्या व अन्य समस्याओं को लेकर अपना ज्ञापन उन्हें दिया हैं। उन्होंने कहा की वह इस मामले को सरकार के समक्ष रखेंगे और पंजाब सरकार के साथ मिलकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन उन्होंने दिया हैं।
