अरविंदर सिंह,हमीरपुर: पहाड़ी दिवस के अवसर पर हमीरपुर में भाषा कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से कवि सम्मेलन और लेखक गोष्ठी का आयोजन किया गया। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी भाषा ( बोली ) के उन्नयन के लिए भाषा एवं संस्कृति विभाग विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाता है। पहाड़ी भाषा ( बोली ) के प्रति जन जागरण की भावना लाने ओर युवा पीढ़ी की रूचि बढ़ाने के आशय से विभाग ने इस वर्ष विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए स्वीप के तहत निबंध लेखन, नारा लेखन एवं लघु विडियो निर्माण प्रतियोगितओं का आयोजन भी करवाया गया। इसी के साथ- साथ विभाग ने पहाड़ी कविसम्मलेन एवं लेखक गोष्ठी का आयोजन भी किया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं जिला हमीरपुर के वरिष्ठ साहित्यकार मजलसी राम वैरागी की ओर से कि गई | कार्यक्रम में सुशील गौतम, दिलीप सिंह, अजीत दीवान, मुनीष तनहा, लाल चंद ठाकुर, होशिआर सिंह, राजेश कुमार, मनोहर लाल, मुनीष अवस्थी, ऋतिक कुमार, दिनाक्षी, दीक्षा कटोच एवं स्मृति पठानिया ओर जिला के वरिष्ठ एवं नवोदित साहित्यकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।
कार्यकम के अंत में जिला भाषा अधिकारी ने विभाग की और से सभी को पहाड़ी दिवस की शुभकामानाएं देते हुए पहाड़ी में लिखने का आग्रह कर पहाड़ी को लेकर भविष्य की योजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिला के सभी साहित्यकार पहाड़ी का इतिहास एवं क्षेत्र, पहाड़ी बोली का व्याकरण, पहाड़ी साहित्य का इतिहास , पहाड़ी की लिपियां एवं आठवीं अनुसूची में पहाड़ी का स्थान –पक्ष एवं विपक्ष आदि विषयों पर शोध-पत्र लिखकर पहाड़ी से संबंधित विषयों को समाज के समक्ष प्रस्तुत करें।
