शिमला, समर न्यूज ब्यूरो-:हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल कविंद्र गुप्ता लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय रहे हैं। चार दशकों से अधिक के अनुभव के साथ वे एक अनुभवी प्रशासक और जननेता के रूप में जाने जाते हैं। उनका जन्म 2 दिसंबर 1959 को जम्मू में हुआ था। उनके पिता केंद्र सरकार के डाक विभाग में कार्यरत थे, जिसके कारण परिवार का स्थानांतरण वर्ष 1963 में पंजाब के संगरूर में हो गया। यहीं से उनकी प्रारंभिक शिक्षा शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने फिरोजपुर और गुरदासपुर में पढ़ाई की और वर्ष 1979 में गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, गुरदासपुर से स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
कविंद्र गुप्ता ने 1970 के दशक की शुरुआत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर अपने सामाजिक जीवन की शुरुआत की। आपातकाल (1975-77) के दौरान उन्हें संघ के अन्य नेताओं के साथ गुरदासपुर और पटियाला जेल में भी रहना पड़ा, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके बाद उन्होंने 1978-79 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पंजाब इकाई में सचिव के रूप में कार्य किया।राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ते हुए वर्ष 1988 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा, जम्मू-कश्मीर का जिला अध्यक्ष बनाया गया। बाद में 1993 से 1998 तक उन्होंने संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई।नगर निकाय राजनीति में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जम्मू नगर निगम के पहले महापौर बने। 2005 से 2010 तक लगातार तीन कार्यकाल तक उन्होंने इस पद पर कार्य करते हुए शहर में स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं और शहरी विकास को प्राथमिकता दी।
वर्ष 2014 में वे गांधी नगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। इसके बाद 2015 में उन्हें जम्मू-कश्मीर विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया और वे इस पद पर पहुंचने वाले पहले भाजपा नेता बने। वर्ष 2018 में उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।इसके बाद 14 जुलाई 2025 को उन्हें लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने विकास, शिक्षा, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई कार्यों पर ध्यान दिया। हाल ही में 5 मार्च 2026 को भारत की राष्ट्रपति ने उन्हें हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया है।
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