जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों से पहले एक लाख सरकारी पद भरने और पाँच लाख रोज़गार उपलब्ध करवाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उससे उलट नीतियाँ अपनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब बिजली विभाग सहित कई स्थानों पर बिजली मित्र जैसे पद आउटसोर्स आधार पर भरने की तैयारी कर रही है, जबकि युवाओं को नियमित और पेंशन युक्त रोजगार देने का वादा किया गया था।नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मित्र योजना के तहत युवाओं को नाममात्र का मानदेय दिया जा रहा है, जबकि सरकार के करीबी लोगों को महत्वपूर्ण पदों और सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। ठाकुर के मुताबिक, सरकार ने पक्की नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन नीतियां इसके विपरीत हैं।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आउटसोर्स एजेंसियों के चयन में पारदर्शिता की कमी है और सरकार के संरक्षण में कुछ प्रभावशाली लोग एजेंसियां संचालित कर रहे हैं। ठाकुर ने दावा किया कि इन एजेंसियों के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में धांधली और वसूली के आरोप पहले भी उठ चुके हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष ने समय-समय पर राज्य सरकार और युवाओं को आगाह किया, लेकिन सरकार ने किसी भी शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण आउटसोर्स से होने वाली नियुक्तियों पर बार-बार प्रश्नचिह्न लगते हैं और माननीय उच्च न्यायालय ने भी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणियाँ की हैं।नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि वह युवाओं को आउटसोर्स के बजाय नियमित नियुक्तियां दे और चुनावी गारंटियों को बिना देरी पूरा करे। उन्होंने कहा कि मित्र योजना के नाम पर युवाओं को अस्थायी रोजगार देकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह अपने घोषित वादों को याद रखें और प्रदेश की बेरोजगार युवाशक्ति को स्थायी, पेंशन-युक्त रोजगार उपलब्ध करवाकर उन्हें भरोसा दिलाएं।
