शिमला। प्रदेश में बढ़ते नशे, विशेषकर चिट्टे के खिलाफ निर्णायक कदम उठाते हुए शनिवार को शिमला में “एंटी चिट्टा अवेयरनेस अभियान” की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रिज मैदान से इस अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मुहिम नगर निगम शिमला और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शहरभर में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू की गई।
अभियान के तहत रिज मैदान से चौड़ा मैदान तक विशाल जागरूकता वॉकथॉन निकाली गई, जिसमें नगर निगम कर्मचारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी, महिला मंडल और आम नागरिकों की बड़ी संख्या शामिल हुई। नगर निगम के सभी पार्षद भी इस वॉकथॉन में भागीदार रहे।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और समाज को इस बुराई के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा, “चिट्टा जैसी बुराई के खिलाफ लड़ाई सामूहिक भागीदारी से ही जीती जा सकती है। इसके लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।”
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया कि नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। महापौर ने यह भी कहा कि यह अभियान सिर्फ शिमला तक सीमित नहीं रहेगा और आने वाले समय में इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा, ताकि पूरे हिमाचल में नशा उन्मूलन के लिए एक मजबूत जनजागरूकता नेटवर्क तैयार किया जा सके।
