शिमला, 24 फरवरी -: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने ओडी–बिथल सड़क के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर कांग्रेस पर केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता का श्रेय लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए लगभग ₹20 करोड़ की राशि राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के माध्यम से स्वीकृत हुई है, जो केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है।
भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, राज्य सरकार की भूमिका परियोजना की डीपीआर तैयार कर प्रस्ताव भेजने तक सीमित थी, जबकि स्वीकृति और वित्तीय प्रबंधन केंद्र स्तर से हुआ। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी है और वित्तीय स्रोतों की स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखी जानी चाहिए।
संदीपनी भारद्वाज ने सड़क के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1999–2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में इस मार्ग को पक्का करने की घोषणा की गई थी और बाद में इसे विकसित किया गया। उन्होंने दावा किया कि उसके बाद लंबे समय तक केवल आंशिक मरम्मत कार्य होते रहे।उन्होंने यह भी कहा कि 41 किलोमीटर लंबी इस सड़क के वर्तमान पुनर्वास कार्य में चौड़ीकरण (वाइडनिंग) का प्रावधान सीमित बताया जा रहा है, जो भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को देखते हुए पर्याप्त नहीं हो सकता।
भाजपा की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नाबार्ड के तहत विभिन्न विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनमें सड़क, पेयजल, बागवानी और शैक्षणिक अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।वहीं, कांग्रेस नेताओं की ओर से इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।ओडी–बिथल सड़क के जीर्णोद्धार को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच यह स्पष्ट है कि परियोजना से स्थानीय लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब फोकस इस बात पर है कि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
