भावना शर्मा: विश्व भर में फैले कोरोना वायरस से जहां सभी तरह की चीजें प्रभावित हुई थी वहीं कोरोना की वजह से मंदिरों के कपाट भी देश सहित हिमाचल प्रदेश ने पहली बार बंद हुए थे। इस दौरान इस स्थिति से निपटने के लिए ओर लोगों को मंदिरों के दर्शन करवाने के लिए ऑनलाइन आरती का प्रावधान किया गया था। उस समय यह प्रावधान सिर्फ कोरोना की स्थिति से निपटने ओर लोगों को घर बैठकर मंदिरों के दर्शन करवाने के उद्देश्य से किया गया था। उस समय किसी को नहीं पता था कि आगे चलकर यह व्यवस्था और बड़ा रूप लेगी ओर मंदिरों में पूजा भी ऑनलाइन ही करवाई जाएगी।
जी हां हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों में जल्द ही लोगों को ऑनलाइन पूजा करने की सुविधा भी मिलेगी। इतना ही नहीं ऑनलाइन पूजा करने के साथ ही लोग मंदिरों में होने वाले हवन व भंडारों ओर जागरण की बुकिंग भी ऑनलाइन ही करवा सकेंगे। इसके लिए मंदिरों को ई प्रणाली से कनेक्ट किया जा रहा हैं। एक बार जब प्रदेश के शक्तिपीठ ई प्रणाली से कनेक्ट हो जाएंगे तो उसके बाद देश-विदेश कहीं भी बैठकर व्यक्ति मंदिरों में ऑनलाइन पूजा के साथ ही हवन और भंडारे की बुकिंग भी करवा सकेगें। सरकार प्रदेश के मंदिरों को इस सुविधा से लैस करने जा रही हैं।
सरकार सबसे पहले प्रयोग के तौर पर हिमाचल प्रदेश के सबसे अमीर और विख्यात शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर से अपने इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुवात करने जा रही हैं। ऊना जिला में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में प्रदेश भर में सबसे ज्यादा श्रद्धालु वर्ष भर में पहुंचते हैं। वहीं करोड़ों का दान भी यहां आने वाले भक्तों की ओर से माता रानी के दरबार में किया जाता हैं। ऐसे में सबसे पहले ऑनलाइन पूजा हवन और भंडारे की बुकिंग का यह प्रावधान है सरकार की ओर से चिंतपूर्णी मंदिर में ही करवाया जा रहा हैं। चिंतपूर्णी मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालु यहां माता रानी के दर्शन करने के साथ ही हवन भी करवाते हैं, ऐसे में अब अगर श्रद्धालु मां चिंतपूर्णी के दरबार आने में सक्षम नहीं है और अगर वह कहीं विदेश में बैठकर भी मां चिंतपूर्णी के दरबार में हवन करवाना चाहते हैं तो इसके लिए वह ऑनलाइन बुकिंग करवा सकेंगे जिसके बाद ई कनेक्टिविटी के माध्यम से ही मंदिर में पुजारी बुक किए गए हवन को करवाएंगे।
चिंतपूर्णी मंदिर को पूरी तरह से ऑनलाइन यानी ई प्रणाली से कनेक्ट करने के बाद अगर यहां व्यवस्था सुचारू रूप से चलती है और ऑनलाइन बुकिंग करने में लोग रुचि दिखाते हैं तो इसके बाद सरकार प्रदेश के अन्य बड़े मंदिरों और शक्तिपीठों में भी इस व्यवस्था को शुरू करेगी। वहीं सरकार के आदेशों के बाद ऊना के चिंतपूर्णी मंदिर में इस योजना के तहत काम होना भी शुरू हो गया हैं। इस बात के बारे में जानकारी हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की ओर से भी दी गई थी। उन्होंने चिंतपूर्णी मंदिर में पहुंच कर इस व्यवस्था को शुरू किए जाने की बात कही थी।
इस तरह से होगा ऑनलाइन बुकिंग का प्रावधान
प्रदेश की मंदिरों को ई एक्टिविटी से जोड़ने के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा हैं। इस सॉफ्टवेयर में ही ऑनलाइन पूजा, ऑनलाइन हवन के साथ ही ऑनलाइन भंडारे और ऑनलाइन जागरण की बुकिंग करने का प्रावधान दिया जाएगा। इसके बाद इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कोई भी व्यक्ति मंदिर में अपनी इच्छा के अनुसार पूजा, हवन भंडारे या जागरण का स्लॉट बुक करवा सकेगा। अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन ही पूजा या हवन की बुकिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से करवाएंगे तो उसमें मंदिर का पुजारी व्यक्ति से जुड़ेगा। पुजारी की ओर से ही करवाई जाने वाली पूजा और हवन की सामग्री,उसकी कीमत ओर अवधि के बारे के जानकारी व्यक्ति को उपलब्ध करवाई जाएगी।
