नालागढ़/जगत सिंह: कहने को तो प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ है लेकिन जहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। आलम यह है कि नालागढ़ के लोग आज भी खस्ता हालत जर्जर मकानों में रहने को मजबूर है, ना तो इन गरीब परिवारों को सीएम आवास एवं पीएम आवास योजना का कोई लाभ मिल पाया है। ना ही सरकार की ओर से इनकी हालत को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। मामला नालागढ़ के तहत दभोटा गांव का है जहां पर एक गरीब परिवार सालों से नर्क की जिंदगी जीने को मजबूर है।

घर पुराना कच्चा बना हुआ था लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते मकान जगह-जगह से टूट चुका है और मकान की हालत खस्ता बनी हुई है और इस मकान में रहने वाले गरीब परिवार मौत के साए में जीने को मजबूर है। कभी भी मकान टूट सकता है और इस गरीब परिवार पर जान माल का नुकसान होने का खतरा 24 घंटे बना रहता है। आपको बता दें कि इस गरीब परिवार द्वारा पंचायत प्रधान के माध्यम से सीएम आवास योजना एवं पीएम आवास योजना के तहत मदद की गुहार लगाई थी लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी इस परिवार को सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोई मदद नहीं मिल पाई है। आज आलम यह बना हुआ है कि यह गरीब परिवार नर्क की जिंदगी तो जी ही रहा है और मौत के साए में रहने को भी मजबूर हैं।

विधानसभा चुनावों का किया जाएगा बहिष्कार
पीड़ित परिवार के सदस्यों से जब हमने इस बारे में बातचीत की तो उनका कहना है कि सालों से पंचायत के माध्यम से सरकारों से मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। जिसके चलते अभी भी वह खस्ताहाल मकान में रहने को मजबूर है। पीड़ित परिवार के सदस्यों का कहना है कि चुनाव के समय में नेता आते हैं और उन्हें बड़े बड़े वादे और मकान को पक्का करवाने की बात कह कर गए थे लेकिन जब नेताजी जीतते हैं तो आकर मुंह भी नहीं दिखाते। जिसके चलते उन्होंने अब आने वाले 12 नवंबर को विधानसभा चुनावों के बहिष्कार का मन बना लिया है और वह किसी भी पार्टी और किसी भी नेता को वोट नहीं डालेंगे, ऐसी चेतावनी पीड़ित परिवार द्वारा दी गई है। अब देखना है यही होगा कि कब सरकारें जागती है और कब इस गरीब परिवार को आ रही परेशानियों से निजात मिलती है।
