मंडी/परी शर्मा – एक और जहां प्रदेश सरकार विकास के बड़े बड़े दावे कर रही है, तो वही हिमाचल प्रदेश के कुछ लोग अपने जीवन को खतरे में धकेल कर जिंदगी गुजार रहे हैं । जिनके पास रहने के लिए घर तो है लेकिन कब उस घर की दीवारें उन्हीं के ऊपर गिर जाए कोई भरोसा नहीं है।मंडी जिला के उपमंडल जोगिंद्रनगर की तहसील लड़भड़ोल की खद्दर पंचायत में लोग खतरे के साए में जिने को मजबूर है। इस घर के मासूम बच्चे घर के टूटे छत और टूटी फूटी कच्ची मिट्टी की दीवारों के बीच में सोने को मजबूर है।
खद्दर पंचायत की सकीना देवी के पति राजकुमार अपाहिज हैं । इनके दो लड़के हैं जिनकी शादी हो चुकी है और बेरोजगार हैं। वह दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं ।इनका घर स्लेटपोश है, जिस की दीवारें कभी भी गिर सकती है। रसोई की छत भी पूरी खराब हो चुकी है। सकीना देवी का कहना है कि आज तक उन्हें सस्ते राशन में भी नहीं डाला गया है। सकीना देवी का कहना है कि उन्हें आज तक प्रशासन से कोई सहायता प्राप्त नही हुई । है सकीना देवी ने बताया कि जब तेज बारिश होती है तो बच्चों को गोद में लेकर सहम जाती हैं कि उनके साथ कोई हादसा ना हो जाए ।उन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
