Nurpur, Sanjeev-नूरपुर उपमंडल के गांव सुलयाली नेरा स्थित गुरु दरबार साहिब में गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व (गुरु पर्व) बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।गुरु दरबार कमेटी द्वारा यह आयोजन 22 अक्तूबर से आरंभ होकर 5 नवम्बर तक चला। इस अवधि में प्रतिदिन सुबह प्रभातफेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया।
तीन नवम्बर को श्री अखंड पाठ साहिब का आरम्भ किया गया और पांच नवम्बर को भोग श्री अखंड पाठ के उपरांत कड़ाह प्रसाद का वितरण व लंगर का आयोजन किया गया।श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कीर्तन में भाग लिया और गुरु नानक देव जी के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।गुरु नानक देव जी का जन्म वर्ष 1469 में रावी नदी के किनारे तलवंडी (अब पाकिस्तान के ननकाना साहिब) में हुआ था।उनके उपदेश — “नाम जपो, किरत करो, वंड छको” — आज भी मानवता को सच्चाई, करुणा और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
देशभर के गुरुद्वारों की तरह सुलयाली नेरा में भी विशेष दीवान सजाए गए, जहां गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ, कीर्तन और अरदास हुई। श्रद्धालुओं ने गुरु नानक देव जी के बताए मार्ग पर चलने और समाज में समानता, प्रेम, भाईचारे व सेवा की भावना को अपनाने का संकल्प लिया। यह पावन पर्व केवल सिख समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है — जो हमें सच्चाई और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश देता है।
