मनमिन्दर अरोड़ा , कुल्लू हिमाचल | कुल्लू जिला के चर्चित बिजली महादेव रोपवे निर्माण विवाद पर अब केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया है। इस पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो 3 नवंबर को दिल्ली में बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगी।
पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने बताया कि वह दिल्ली में जेपी नड्डा, भाजपा महासचिव अरुण सिंह और महेंद्र पांडे के समक्ष संघर्ष समिति का पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा मामले पर ध्यान दिए जाने के बाद अब समाधान की उम्मीद जगी है।
महेश्वर सिंह ने कहा कि बिजली महादेव जैसे पवित्र देवस्थल में रोपवे निर्माण को लेकर देववाणी में भी महादेव ने विरोध जताया है, जबकि हाल ही में संपन्न देव संसद (जगती) में देवी-देवताओं ने भी देवस्थल में किसी तरह की छेड़छाड़ पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को रद्द किया जाना चाहिए ताकि देव आस्था की मर्यादा बनी रहे।उन्होंने यह भी बताया कि संघर्ष समिति ने पहले ही जेपी नड्डा से मुलाकात का समय माँगा था, लेकिन बिहार चुनावों में व्यस्तता के कारण बैठक की तारीख अब 3 नवंबर निर्धारित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले का संज्ञान लेकर लोगों की भावनाओं का सम्मान किया है। अब उम्मीद है कि धार्मिक आस्था और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लिया जाएगा।
