Shimla, 25 January-:अरसे बाद हुई बारिश और बर्फबारी से हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में जहां मौसम खुशनुमा हुआ, वहीं आम जनजीवन की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। शनिवार को मौसम साफ रहने के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में हालात सामान्य नहीं हो पाए। चार नेशनल हाईवे समेत कुल 683 सड़कें बंद होने से अनेक क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है। अपर शिमला, किन्नौर, मनाली और लाहौल क्षेत्रों में शनिवार को भी आवाजाही ठप रही।
शिमला-रामपुर, भरमौर-पठानकोट, आनी-कुल्लू और मनाली-लेह नेशनल हाईवे पर यातायात बहाल नहीं हो सका। भारी बर्फबारी के कारण सड़कों पर जमी बर्फ और भूस्खलन ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। कुल्लू जिले के मनाली और बंजार उपमंडलों में हालात को देखते हुए शनिवार को भी शिक्षण संस्थान बंद रखे गए।भरमौर क्षेत्र में भरमाणी मंदिर मार्ग पर दो युवक पिछले दो दिनों से फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। हालांकि कुछ प्रमुख रूटों पर राहत भी मिली है। शिमला-दिल्ली, पतलीकूहल-दिल्ली, चंबा-दिल्ली और धर्मशाला-चंडीगढ़ मार्गों पर बस सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। इसके बावजूद सबसे अधिक प्रभावित शिमला मंडल में 594 बस रूटों पर शनिवार को भी सेवाएं ठप रहीं। शिमला-नारकंडा, आनी-जलोड़ी जोत समेत दो नेशनल हाईवे और दर्जनों ग्रामीण सड़कें अभी भी बंद हैं।मनाली में हजारों सैलानी बर्फ और बंद सड़कों के कारण फंसे हुए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। सराज क्षेत्र के रघुपुर फोर्ट में फंसे 12 पर्यटकों को राहत और बचाव दल ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
बर्फ पर फिसलने से बुजुर्ग की मौत
बालीचौकी की पंचायत घाट में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। बहन के घर पैदल जा रहे बुजुर्ग खोउद राम बर्फ पर फिसलकर गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है।
TAGGED:
Shimla weather
Chandrika
