अरविंदर सिंह,हमीरपुर: मौजूदा शैक्षणिक सत्र के बीच नेशनल एग्जिट एग्जाम लागू करने के फैसले के विरोध में सोमवार को प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स सड़कों पर उतर आए हैं। इसी के विरोध स्वरूप सोमवार को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2019 बैच के प्रशिक्षु डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन कर शिक्षा मंत्री ओर मुख्यमंत्री से अपने हक में समर्थन मांगा।
उन्होंने नेशनल मेडिकल काउंसिल के इस फरमान का विरोध करते हुए इसे इस साल लागू न करने की मांग उठाई हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से इस मुद्दे को लेकर स्टूडेंट्स के हितों को ध्यान में रखते हुए नेशनल मेडिकल काउंसिल से बात करने की गुहार लगाई हैं। हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के वर्ष 2019 बैच में 119 प्रशिक्षु एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं और अंतिम चरण में हैं। हालांकि बैच 120 का था लेकिन कोई एक प्रशिक्षु बीच में ही पढ़ाई छोड़ गया हैं।
2019 बैच की कक्षा प्रतिनिधि ईतिका का कहना है कि यह निर्णय इस देश के हित में नहीं हैं। इसी के चलते आज प्रशिक्षुओं ने विरोध स्वरूप रैली निकाली ओर ज्ञापन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भेजकर अपने हक में समर्थन की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए नेशनल एग्जिट एग्जाम एकदम से दे पाना संभव नहीं हैं। वह सब इसके खिलाफ नहीं है लेकिन इसके लिए उन्हें तैयारी करने का पूरा समय दिया जाए।
वहीं प्रशिक्षु प्रियांशु भारद्वाज का कहना है कि यदि यह नियम लागू किया जाए तो फिर अगले सत्र से लागू किया जाए। 2019 बैच अपने फाइनल ईयर में पहुंच गया है ऐसे में एकदम से इस तरह का फैसला थोप देना प्रशिक्षु डॉक्टरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। एनएमसी को इस बारे में पुनः विचार करने की आवश्यकता है ताकि इस बैच पर बढ़ रहा मानसिक तनाव समाप्त हो जाए। प्रियांशु का कहना है कि वे लोग इस टेस्ट को ना देने का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि वे चाहते हैं कि इसके लिए उन्हें पूरा समय दिया जाए और हो सके तो इस नियम को अगले सत्र से लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि न केवल हिमाचल बल्कि देशभर में मेडिकल स्टूडेंट इसका विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि एनएमसी ने मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए नया फरमान जारी किया हैं उसमें कहा गया है कि इन प्रशिक्षुओं को नेशनल एग्जिट टेस्ट पास करना अनिवार्य हैं। यह भी बताया जा रहा है कि इस टेस्ट को पास करने के बाद ही इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा। वर्ष 2019 बैच के छात्रों पर फाइनल एग्जाम से कुछ समय पहले ही थोपा गया यह फरमान उनके लिए मुसीबत खड़ी करने वाला हैं
