संजु चौधरी, शिमला: जिस प्रकार से सरकार ने पूरे प्रदेश भर में सरकारी कार्यालय बंद किए और उसके बाद जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं जिसकी भाजपा घोर निंदा करती हैं। हिमाचल प्रदेश में जो कार्यालय खुले हैं वह 1 साल के अंदर नहीं खोले जाते हैं उसकी पूरी प्रक्रिया होती है उसके लिए बजट अलॉट होता है और सरकार की कैबिनेट और सरकार के विभागों के अप्रूवल के बाद ही इन संस्थाओं को खोला गया हैं। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
सुरेश कश्यप ने कहा कि जिस प्रकार से कांग्रेस अपनी गलती को छुपाने के लिए बयानबाजी कर रही हैं वयः पूर्ण रूप से जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास हैं। कांग्रेस सरकार की ओर से कुछ थानों को डिनोटिफाइ किया गया था जिन्हें बाद में खोल दिया गया। अब लगता है कांग्रेस को धीरे-धीरे समझ आ रहा है कि इन सरकारी दफ्तरों का क्या महत्व हैं।
सुरेश कश्यप ने कहा कि भाजपा ने सरकार के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया हुआ है और आज से ज़िला स्तर पर धरने प्रर्दशन किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगर डी नोटिफाई किए संस्थानों को बहाल नही किया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
