संजु चौधरी,शिमला: मानसून में लगातार हो रही बारिश हो से भले ही आसमान से तो पानी बरस रहा हो लेकिन इस मानसून ने राजधानी शिमला में एक बार फिर से पानी की समस्या खड़ी कर दी हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते वॉटर स्कीम में गाद आने की वजह से शिमला शहर में जलापूर्ति बाधित हो रही हैं। कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां तीन चार दिनों बाद पानी आ रहा हैं।
शिमला में पानी की समस्या को लेकर नगर निगम मेयर सुरेंद्र चौहान ने एक बैठक भी आयोजित की और शिमला के लोगों को पानी सुचारू रूप से देने के दिशा निर्देश जारी किए। मानसून की शुरुआती बरसातों ने ही शिमला को पानी देने वाले स्रोतों को सिल्ट से भर दिया हैं। नतीजा यह है कि शिमला को 40 से 45 एमएलडी पानी हर रोज मिलता था वह घटकर 25 से 30 एमएलडी रह गया हैं।
नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि पानी के मुख्य स्रोतों में भारी बारिश की वजह से सिल्ट आने से यह समस्या उत्पन्न हुई हैं, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। 2024- 25 तक शिमला के लोगों को पानी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा, क्योंकि सतलुज से पानी उठाने के साथ नए टैंक बनाए जा रहे है।
