धर्मशाला, राहुल:धर्मशाला विद्युत मंडल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है। मंडल के तहत आने वाले सभी नॉन डॉमेस्टिक, नॉन कमर्शियल (एनडीएनसी) मीटरों को सफलतापूर्वक स्मार्ट मीटर में परिवर्तित कर दिया गया है। इसके साथ ही अब शेष बचे इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर में बदला जा रहा है।
विद्युत मंडल के अधिकारियों के अनुसार, धर्मशाला क्षेत्र में कुल लगभग 59 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 33,159 मीटरों को वर्ष 2022-23 से अब तक स्मार्ट मीटर में बदला जा चुका है। वहीं करीब 26 हजार मीटरों को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।एनडीएनसी श्रेणी के अंतर्गत आने वाले मीटर मुख्य रूप से सरकारी विभागों और उन संस्थानों में लगाए जाते हैं, जो घरेलू या वाणिज्यिक श्रेणी में शामिल नहीं होते। इस श्रेणी के लगभग 603 मीटरों को पूरी तरह से स्मार्ट मीटर में बदल दिया गया है। इसके साथ ही इन मीटरों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण मिल सके।
मंडल के एक्सईएन विकास ठाकुर ने बताया कि स्मार्ट मीटरों के संचालन को लेकर आवश्यक दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी कर दी गई है। इन निर्देशों के तहत स्मार्ट मीटर से संबंधित डिसकनेक्शन जैसी प्रक्रियाएं केवल कार्य समय के दौरान ही की जाएंगी, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।इसके अलावा, अब धर्मशाला क्षेत्र में बनने वाले सभी नए भवनों में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।स्मार्ट मीटर परियोजना से न केवल बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को रियल-टाइम डेटा और बेहतर बिलिंग सुविधा भी मिल सकेगी, जिससे पूरी प्रणाली अधिक विश्वसनीय बनेगी।
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Chandrika
