कुल्लू/मनमिंदर अरोड़ा: विधानसभा चुनाव में कुल्लू जिला की चारों सीटों पर भाजपा के लिए जीतना आसान नहीं है। इन सीटों पर भाजपा को बगावत का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर चुनाव पर पड़ेगा। करीब एक साल पहले हुए मंडी उपचुनाव में कांग्रेस, जिला की चारों सीटों मनाली, कुल्लू, बंजार और आनी से 14 ,659 मतों की ठीक ठाक बढ़त लेकर मंडी का क़िला भेदने में कामयाब रही थी। अब 2022 के विधानसभा चुनाव में बग़ावती स्वरों ने भाजपा को चिंता में डाल दिया है। हालांकि मनाली हल्के से स्थिति कुछ हद तक काबू में दिख रही है। यहां भाजपा छोड़ मैदान में उतरे महेन्दर ठाकुर से पार्टी हाईकमान कुछ ज़यादा चिंतित दिखाई नहीं दे रहा है ,लेकिन कुल्लू ,बंजार और आनी हलकों में बग़ावत से पार्टी का चिंतित होना स्वाभाविक है।
बात आनी विधानसभा क्षेत्र की करे तो भाजपा ने आरक्षित आनी से दो बार रहे विधायक किशोरी लाल सागर का टिकट काटते हुए यहाँ से युवा चेहरा लोकेन्द्र कुमार को टिकट दिया है। इस फ़ैसले से नाराज़ किशोरी लाल सागर पार्टी छोड़ बतौर आज़ाद प्रत्याशी मैदान में उतर गए है। मंडी उपचुनाव में यहाँ से कांग्रेस 7043 मतों से बड़ी बढ़त बनाने में सफल रही। सेमिफाइनल मुक़ाबले में ये बढ़त आनी से सत्ताविरोधी रुझानों को भाँपने के लिए काफ़ी थी। ऐसे में सिटिंग एमएलए किशोरी लाल का टिकट कटना लगभग पहले से तय माना जा रहा था। लेकिन अब किशोरी लाल सागर बतौर आज़ाद प्रत्याशी चुनाव लड़कर भाजपा का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। किशोरीलाल का कहना है की वे भाजपा के निर्णय के खिलाफ है। स्थानीय जनता के दबाव
के चलते उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
कुल्लू में भी बग़ावत से भाजपा को खासा नुक्सान होता दिख रहा है। यहां से पुराने खिलाड़ी महेश्वर सिंह को टिकट तो दिया, लेकिन नॉमिनेशन के अंतिम दिन ऐन मौके पर उनका टिकट काटते हुए नए चहरे के रूप में नरोत्तम ठाकुर को चुनावी मैदान में उतार दिया। ऐसे में महेश्वर सिंह भी बतौर आज़ाद उमीदवाद चुनावी रण में उतर गए थे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आश्वासन के बाद उन्होंने अब अपना नामांकन वापिस भी ले लिया। लेकिन यहां भी भाजपा की मुश्किलें कम नहीं हुई है। भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष व् एचपीएम्सी के वैस चेयरमेन नेता राम सिंह टिकट ना मिलने से बतौर आज़ाद उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। कुल्लू सीट पर पिछली बार कांग्रेस जीती है। यहां भगवा 2012 में हुए विधानसभा चुनावों में राम सिंह महज़ 1400 वोट से हारे थे। ऐसे में अब भी उन्हें एकमजबूत प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में हुए मंडी उपचुनाव मेंभाजपा का कुल्लू से 3897 मतों से पिछड़ना कुल मिलाकर भाजपा के लिए अच्छे संकेत नही दे रहा है।
राम सिंह का कहना है की पार्टी के आश्वासन के बाद ही वे पार्टी के प्रचार प्रसार में दिन रात जुटे थे। लेकिन यहां का टिकेट किसी और को थमा दिया गया। उन्होंने कहा कि वे भाजपा की विचारधरा से जुड़े है और आगे भी जुड़े रहेंगे। 2017 में भी टिकेट के आश्वासन के बाद भी किसी अन्य को भाजपा ने कुल्लू से उम्मेदवार बनाया था। तब भी उन्होंने पार्टी से बगावत नही की , लेकिन आज जनता के दबाव के चलते उन्हें यह चुनाव लड़ना पड़ रहा है। उधर, कुल्लू ज़िला की बंजार विधानसभा से हितेश्वर सिंह बतौर आज़ाद उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे है। माना जा रहा है कि हितेश्वर सिंह के निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण भाजपा हाईकमान ने इनके पिता महेश्वर सिंह का कुल्लू सदर से टिकट काटकर किसी ओर को दे दिया। सिंह की लाख कोशिशों के बावजूद हितेश्वर सिंह नही माने ओर उन्होंने निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फैसला लिया।
बंजार से बागी हुए हितेश्वर सिंह मज़बूत प्रत्याशी के रूप में सामने आए है। वे जिला परिषद सदस्य भी रह चुके है और अब उनकी पत्नी ज़िला परिषद सदस्य है। ऐसे में भाजपा के प्रत्याशी सुरेंदर शौरी की राह यहां आसान नही लग रही है। हालांकि टिकट ना मिलने से नाराज़ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए आदित्य विक्रम सिंह यहाँ भगवादल को कुछ राहत देते नज़र आ रहे हैं। हितेश्वर सिंह की कहना है की पार्टी ने टिकेट नहीं दिया। ऐसे में जैसा जनता ने चाहा मैंने वैसा ही किया। मैं अपने लोगों को नहीं छोड़ सकता। अब जनता जैसा फैसला करेगी। वही मनाली विधानसभा में टिकेट ना मिलने के चकते नाराज़ हुए पेशे से अधिवक्ता व भाजपा के पुराने कार्यकर्ता महेंद्र सिंह ने भी बतौर निर्दलीय प्रत्याशी ताल ठोक दी है। यहां उनका मुकाबला भाजपा विधायक गोविंद ठाकुर व पूर्व कृषि मंत्री राजकृष्ण गौड़ के बेटे भुवनेश्वर गौड़ और आप से अनुराग प्रार्थी से है।
महेंद्र सिंह का कहना है कि बीते 15 वर्षों से एक ही परिवार के व्यक्ति को भाजपा ने टिकेट दिया है। लगातार यहां भाजपा कार्यकताओं की अनदेखी की जाती रही है ।यहां मंत्री रहते हुए भी गोविंद ठाकुर मनाली के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आजतक फोरलेन प्रभावितों को चार गुना मुआवजा आज तक नही दे पाए। भाजपा ने बीते दिनों बागी हुए आनी से किशोरी लाल और कुल्लू से राम सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया है। अब देखना यह होगा की इन चुनावों में यह बागी कितना समीकरण बिगड़ने में कामयाब होते है।
