संजीव महाजन, नूरपुर: नूरपुर में ठप पड़े विकास कार्य को लेकर पूर्व मंत्री राकेश पठानिया ने प्रदेश सरकार और अपनी पार्टी के विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। गुरुवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राकेश पठानिया ने कहा कि उनके अथक प्रयास के बाद जेपी नड्डा के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए नूरपुर के लिए मातृ-शिशु अस्पताल मंजूर करवाया था, जिसके लिए लगभग 12 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। इस अस्पताल का 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और मात्र अब इसको चलन में लाभरकरना बाकी था लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि इस अस्पताल का करोड़ों का सामान पांच ट्रकों में ऊना ले जाया गया हैं।
उन्होंने कहा कि यह कार्य कर नूरपुर के साथ ज्वाली,फतेहपुर,इंदौरा और चंबा जिला की भटियात विधानसभा की जनता के दिलों पर कुठाराघात किया गया हैं। उन्होंने कहा कि वो सरकार को चेताना चाहते है कि अगर नूरपुर के मातृ-शिशु अस्पताल के करोड़ो के इक्यूपमेंट वापिस नहीं लौटाए गए तो उन्हें सरकार को अपना रौ+द्र रूप दिखाना पड़ेगा। उन्होंने सेक्रेटरी हेल्थ पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जिस अस्पताल के लिए बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के साथ हेल्थ इक्यूपमेंट भी बजट में मंजूर थे उन्हें यहां से ऊना किस आधार पर शिफ्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारें आती जाती रहेंगी लेकिन ऐसे अधिकारियों की जबाबदेही बनती है और उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा।
राकेश पठानिया ने कहा कि चौगान में उन्होंने अटल बहुद्देश्यीय इंडोर खेल परिसर खोला था लेकिन आज वहां पर भी ताला लगा हुआ हैं। उन्होंने कहा कि इस चौगान मैदान में सिथेंटिक ट्रैक के लिए सात करोड़ रुपये मंजूर करवाए गए थे लेकिन उसका कार्य भी बंद हैं। नूरपुर के स्थानीय भाजपा विधायक को भी आईना दिखाते हुए उन्होंने कहा कि जो कभी हमारी छवि के ख़िलाफ़ धर्मशाला में जाकर प्रेसवार्ता करते थे आज नूरपुर की इस स्थिति पर उनके मुंह मे दहीं जम गई हैं।
उन्होंने कहा कि आज नूरपुर बेसहारा है और यहां के विधायक को दंगलों के रिबन काटने से फुर्सत नहीं हैं।उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने नूरपुर को बुलन्दियों पर पहुंचाया था लेकिन आज नूरपुर का निरंतर पतन हो रहा है और वो इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी अंतिम चेतावनी है कि अगर मातृ-शिशु अस्पताल के करोड़ों के इक्यूपमेंट को वापिस कर इस अस्पताल को शुरू कर माताओं-बहनों को उनका हक नहीं दिया जाता तो वो दिन दूर नहीं जब राकेश पठानिया नूरपुर की जनता के साथ सड़कों पर होंगें।
