राहुल चावला , धर्मशाला: तिब्बतियों के सर्वोच्च धर्मगुरु दलाईलामा हाल ही में लेह-लद्दाख का दौरा कर लौटे हैं। दलाईलामा के लद्दाख दौरे का अपना महत्व है। निर्वासित तिब्बत सरकार के सांसद दावा छेरिंग ने कहा कि चीन कहता है कि लद्दाख उसका है। दलाईलामा 62 साल से भारत के मेहमान है, दलाईलामा को बतौर मेहमान लद्दाख जाने का मौका मिला तो यह स्पष्ट है कि लद्दाख भारत का हिस्सा है न कि चीन का। लद्दाख के लोग भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाए हुए हैं न कि चीन की।
दावा छेरिंग ने कहा कि चीन की ओर से दलाईलामा को बदनाम करने का प्रयास किया जाता रहा है,जबकि भारत के लिए दलाईलामा का अपना महत्व है। उन्होंने कहा कि शांति के लिए अपने धर्म के साथ दूसरे के धर्म का भी आदर करना चाहिए। दलाईलामा जो मार्गदर्शन विश्व को दे रहे हैं, उसे सभी अपनाएं तो शांति कायम की जा सकती है।
