शिमला: चन्द्रिका – हिमाचल प्रदेश इस बार प्राकृतिक आपदा के दौर से गुज़र रहा है। जिससे जान- माल को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। राजधानी शिमला में भी प्राकृतिक आपदा ने कहर बरपाया है। शिमला के समरहिल शिव बावड़ी में अब तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है । वहीं बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी रविवार को यहां की स्थिति का जायज़ा लेने पहुंचे ।
शिमला के समरहिल शिव बावड़ी में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वहां का हाल जाना । उन्होने स्थानीय लोगों और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी टीम से भी बात की कि किस तरह से यहां घटनाक्रम हुआ और रेस्क्यू ऑपरेशन किस तरह से किया जा रहा है। इस दौरान उन्होने ये भी पूछा कि उन्हें किसी तरह की कोई दिक्क़त तो नहीं आ रही है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर,नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल,शिमला संसदीय क्षेत्र के सांसद सुरेश कश्यप, सांसद डॉ सिकंदर कुमार, बीजेपी वरिष्ठ नेता सुरेश कश्यप और गणेश दत्त भी मौजूद रहे ।
समरहिल शिव बावड़ी में 17 लोगों के शव बरामद, 4 लोगों के शव निकालने का कार्य जारी
समरहिल शिव बावड़ी मन्दिर में 14 अगस्त को भारी भू:स्खलन की घटना पेश आई थी । उस दौरान मन्दिर में पुजारी समेत माथा टेकने आए श्रद्धालु वहां पूजा कर रहे थे । अचानक हुए भू:स्खलन से समरहिल शिव बावड़ी मन्दिर भी चपेट में आ गया,जहां कई जिन्दगी मौ+त का ग्रास बन गई । बता दे कि समरहिल शिव बावड़ी में लगातार 14 अगस्त से रेस्क्यू ऑपरेशन चला हुआ है । आज रेस्क्यू ऑपरेशन का 7वां दिन है। पुलिस में हुई गुमशुदगी की एफआईआर के मुताबिक मलबे के नीचे 21 लोग दबे है । जिसमें से 17 लोगों के शवों को बरामद कर लिया गया है और अभी भी 4 लोगों के शव निकलने का कार्य युद्धस्तर पर है। एक शव एसा भी मिला है जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है ।इस ऑपरेशन में NDRF, SDRF, HHG, HPP और स्थानीय लोगों द्वारा शवों को मलबे के नीचे से निकालने का कार्य लगातर चल रहा है ।वहीं शिमला के फागली में आए मलबे के नीचे 5 लोगों ने अपनी जान गंवाई और 3 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था ।
हिमलेंङ में बने बहुमंजिला इमारत के लिए खतरा बने पेड़ो काटा
शिमला में आफत बनकर बरसी बारिश ने अन्य इलाकों में भी नुकसान पहुंचाया है । जहां बहुमंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह जो बिखरती नजर आई । इसमें शिमला के लालपानी में बहुमंजिला इमारत जमीनदोज हो गई । वहीं शिमला के हिमलेंङ में बने बहुमंजिला इमारत को भी खतरा बना हुआ है ।इसका कारण गिरने वाले पेड़ बताए जा रहे है । हालांकि जिन 2 पेड़ों से हिमलेंङ में बने बहुमंजिला इमारत को खतरा बना हुआ था,उन पेड़ों को काट दिया गया है ।
