बीबीएन/जगत सिंह: शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर सरकार के दावो की धार प्राइमरी स्कूल पोल खोल रहा है। नालागढ़ उपमंडल के तहत गांव धार प्राइमरी स्कूल की हालत खस्ता है, जिसके चलते बच्चे यहां डर के साए में पढ़ने को मजबूर हैं। हैरानी की बात ये है कि किसी का भी इस स्कूल की तरफ ध्यान नहीं गया। बच्चे डर के साय में स्कूल में पढ़ रहेे हैं और बच्चों का ग्राफ भी कम होता जा रहा है। स्कूल की बिल्डिंग की दीवारों में जगह-जगह से दरारें आ गई हैं व छतों से भी सीमेंट झड़ने लगा है।
यहां 23 बच्चे मौत के साए में पढने को मजबूर है। इसके चलते धार गांव के लोग शिक्षा विभाग व सरकार से स्कूल की खस्ताहाल को सुधारने की अपील कर रहें है। इस बारे में जनकल्याण समिति के सदस्यों ने सरकार व शिक्षा विभाग से जल्द स्कूल की दशा सुधारने की मांग उठाई है। जनकल्याण समिति के सदस्यों का कहना है कि नालागढ़ के दूर दराज गांव धार प्राइमरी स्कूल की हालत खराब है। स्कूल की खस्ता हालत 2016 से है और स्कूल मेंं कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

