मंजूर पठान, चंबा: प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से ही कांग्रेस की ओर से पूर्व की भाजपा सरकार की ओर से खोले गए स्वास्थ्य और शिक्षण संस्थानों को बंद किया जा रहा हैं। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से यह निर्णय लिया गया हैं कि जहां पर पूर्व में रही जयराम सरकार की ओर से बिना किसी वजह से स्वास्थ्य केंद्र या फिर शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों को उच्च दर्जा दिया गया हैं उन संस्थानों को सरकार की ओर से डिनोटिफाइड किया जा रहा हैं। वहीं सरकार की ओर से सर्वे भी करवाए जा रहे हैं कि आखिरकार कौन-कौन सी जगह ऐसी हैं जहां पर हकीकत में लोगों को संस्थानों की जरूरत हैं।
इसी के तहत चंबा जिला की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंदला को भी पूर्व भाजपा सरकार के समय में ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा दिया गया हैं। ऐसे में आप इस स्कूल के डी नोटिफाई होने का डर भी यहां के छात्रों को सता रहा हैं। यही वजह है कि यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र सरकार से यह गुहार लगा रहे हैं कि सरकार इस स्कूल को डी नोटिफाई ना करें। स्कूली बच्चों का कहना हैं कि पिछले कई वर्षों से वे सरकार से मांग कर रहे थे कि कंदला स्कूल को राजकीय उच्च पाठशाला से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा दिया जाए, ताकि बच्चों को अपनी शिक्षा ग्रहण करने के लिए 20 से 25 किलोमीटर दूर ना जाना पड़े।
स्कूली बच्चों का कहना है कि उनके क्षेत्र में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला की कमी होने के चलते कई बार उनके परिजन दूर स्कूल में उन्हें पढ़ाई नहीं करवा पाते थे। ऐसे में पूर्व में रही सरकार की ओर से स्कूल को वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का दर्जा दिया गया हैं, जिस कारण बच्चों में खुशी की लहर देखने को मिल रही हैं। बच्चों का कहना हैं कि अब उन्हें घर द्वार शिक्षा मिलेगी और बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसे में स्कूली बच्चे वर्तमान सरकार से मांग कर रहे हैं कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कंदला को डी नोटिफाइड न किया जाए, ताकि बच्चों को अपने घर द्वार शिक्षा मिल सके और बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
