भावना शर्मा: हिमाचल की राजनीति में महिला नेत्रियों की जब भी बात की जाती है तो इसमें एक नाम कांग्रेस पार्टी की महिला नेत्री डलहौज़ी की विधायिका आशा कुमारी का नाम भी शामिल होता है। आशा कुमारी कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में शामिल है जिन्होंने विधायक, मंत्री पद के साथ ही कांग्रेस पार्टी में क़ई अहम पदों पर काम किया है। राजनीति का लंबा अनुभव रखने वाली आशा कुमारी प्रदेश की राजनीति में एक जाना पहचाना नाम है। वैसे तो आशा कुमारी का जन्म मध्यप्रदेश में हुआ है, लेकिन हिमाचल की बहू बनने के बाद आशा कुमारी ने हिमाचल की राजनीति में एक अलग मुकाम हासिल किया है।
आशा कुमारी का जन्म 23 सितंबर 1955 को छत्तीसगढ़ (मध्य प्रदेश) के अंबिकापुर जनपद के सरगगूजा गांव में देवेंद्र कुमारी व एमएस सिंघदेव के घर हुआ। उनके माता पता का संबंध भी राजनीति से था यही वजह रही कि उन्हें राजनीति विरासत में मिली और अपने माता-पिता से ही उन्होंने राजनीति के गुर भी सीखें। उन पर अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का असर हुआ और यही वजह रही कि पढ़ाई के साथ ही उन्होंने छात्र राजनीति में भी कदम रखा। आशा कुमारी के राजनीतिक करियर की शुरुआत वर्ष 1972 में एनएसयूआई की महासचिव के तौर पर हुई थी। आशा कुमारी ने एमएलबी गर्ल कॉलेज भोपाल से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वहीं एमएलबी गर्ल कॉलेज भोपाल से 1975 और 77 के बीच आशा कुमारी यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष चुनी गई थी। इसके बाद वर्ष 1978-79 में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के पक्ष में प्रदर्शन करते हुए उन्हें अरेस्ट भी किया गया था।
छात्र राजनीति से ही आशा कुमारी ने अपना एक अलग नाम और मुकाम बना लिया था यही वजह रही कि जब 19 अप्रैल 1979 को आशा कुमारी का विवाह चंबा रियासत के राजकुमार बृजेंद्र कुमार से हुआ तो उसकी कुछ समय बाद ही उन्होंने हिमाचल की राजनीति में प्रवेश किया और यहां अपना एक अलग स्थान कांग्रेस पार्टी ने बनाया। हिमाचल कांग्रेस ने अपना पहला चुनाव वर्ष 1985 में लड़ा ओर जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उनका यहां सफर थमा नहीं और 6 बार उन्होंने डलहौजी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की।
आशा कुमारी ने अपना दूसरा चुनाव वर्ष 1990 में लड़ा लेकिन इस बार वह सत्ता विरोधी लहर के चलते बीजेपी के गंधर्व सिंह से चुनाव हार गईं। इसके बाद आशा कुमारी ने अपनी इस हार का बदला लिया और 1993 के चुनावों में कांग्रेस को जीत दिलाई जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आशा कुमारी को प्राथमिक शिक्षा मंत्री का पद दिया था। इसके बाद आशा कुमारी लगातार 1998 और 2003 के चुनाव जीत कर विधायक बनी रही लेकिन वर्ष 2008 में आशा कुमारी को हार का सामना करना पड़ा।
वर्ष 2013 में आशा कुमारी ने दोबारा से कम बैक किया और एक बार फिर से अपने विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल हासिल की। इस बार आशा कुमारी एकमात्र कांग्रेस नेता थी, जिन्हें चंबा जिला से जीत हासिल हुई थी जबकि अन्य 4 सीटों पर कांग्रेस को यहां हार का सामना करना पड़ा था। वहीं वर्ष 2017 में भी आशा कुमारी ने डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से जीत का परचम लहराया था। अब वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में आशा कुमारी अपना नौवां विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है। इसके लिए आशा कुमारी पूरी तरह से तैयार हैं और उनकी सक्रियता भी पार्टी में सबसे अलग है।
कांग्रेस कमेटी के महासचिव पद के साथ ही पंजाब प्रभारी के अहम पद पर भी किया काम
कांग्रेस नेत्री आशा कुमारी ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव पद पर काबिज रहकर पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया। इसके साथ हो उन्होंने वर्ष 2011 में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की सचिव बनी। आशा कुमारी 26 जून 2016 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनीं और उन्हें कांग्रेस कार्य समिति में भी स्थान मिला। वर्ष 2018 में आशा कुमारी राहुल गांधी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कांग्रेस कार्य समिति की स्थाई सदस्य बनी। इसके अलावा चंडीगड़, हरियाणा और झारखंड में भी पार्टी की अहम जिम्मेवारियां उन्होंने संभाली। आशा कुमारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव सहित पंजाब कांग्रेस की प्रभारी का भी दायित्व निभा चुकी है।
वर्ष 2017 में पंजाब प्रभारी बन पार्टी को दिलवाई जीत
आशा कुमारी ने अपने राजनीतिक अनुभव चलते हैं वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में पंजाब में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। आशा कुमारी को पंजाब कांग्रेस पार्टी का प्रभारी नियुक्त किया गया था जिसके बाद उनकी अगुवाई में ही पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने थे।
राजनीति में है 40 साल का अनुभव
प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ कैबिनेट में शिक्षा मंत्री भी रही है राजनीति की अच्छी परख और पकड़ रखने वाली आशा कुमारी 40 साल से राजनीति में है और इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार में और कांग्रेस पार्टी में अलग-अलग पदों पर भी काम किया है।
