मंडी/परी शर्मा – प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर एक अनुभवी राजनेता है जिन्होंने 1973 से राजनीति में कदम रखा। वे अब तक आठ बार विधायक चुने जा चुके है। कौल सिंह ठाकुर का जन्म 23 नवंबर 1945 को हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित सांबल में हुआ था। वह 2017 तक हिमाचल प्रदेश कैबिनेट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के पद पर रह चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी वे बतौर कांग्रेस प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। राजनीति में कौल सिंह ठाकुर ने अपनी एक अलग जगह बनाई है। पुर्व मुख्यमंत्री स्व वीरभद्र सिंह और विद्या स्टोक्स जैसे नेताओं के कड़े विरोध के बावजूद, उन्होंने लगातार दूसरी बार पीसीसी अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है। कई लोगों ने उन्हें 2012 के हिमाचल विधानसभा चुनावों के लिए संभावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में भी देखा था।

पहली बार मंडी सदर पंचायत समिति के अध्यक्ष चुने गए
कौल सिंह ठाकुर पहली बार मंडी सदर पंचायत समिति के अध्यक्ष चुने गए थे । 1973 में वे मंडी सदर पंचायत समिति के अध्यक्ष चुने गए और 1977 तक इस पद पर बने रहे। उन्होंने पंचायत स्तर पर कई विकास कार्य किए। वे 1977 के वर्ष में पहली बार राज्य विधान सभा के लिए भी चुने गए थे। राज्य योजना बोर्ड 1983 के उपाध्यक्ष भी रहे; स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री, संसदीय कार्य और कानून, 1985-90; अध्यक्ष, विधानसभा, 1993-98; और सिंचाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य, कानून और न्याय, शहरी विकास और संसदीय मामलों के मंत्री, 6 मार्च 2003 से दिसंबर, 2007 तक रहे। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में समय-समय पर आयोजित विभिन्न अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के साथ-साथ सीपीए सम्मेलनों में भाग लिया।

द्रंग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के प्रबल दावेदार
कौल सिंह ठाकुर कांग्रेस से जुड़े होने से पहले लोकतंत्र और जनता पार्टी के लिए कांग्रेस में शामिल हुए। 1982, 1985, 1993, 1998, 2003, 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा के लिए फिर से निर्वाचित हुए। दिसंबर 2012 में 8 वीं बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। वे 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के जवाहर ठाकुर से हार गए थे। वही अब कौल सिंह ठाकुर 2022 के विधानसभा चुनाव में वे एक बार फिर द्रंग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के प्रबल दावेदार है।
23 नवंबर 1945 को मंडी जिला में हुआ जन्म
ठाकुर कौल सिंह का जन्म 23 नवंबर 1945 को मंडी जिले में लक्ष्मण सिंह ठाकुर के घर हुआ था। उनकी शिक्षा पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से हुई थी। उनका विवाह चिंता ठाकुर से हुआ है और उनका एक बेटा और तीन बेटियां हैं।
