By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: मैक्लोडगंज में SFT संगठन ने किया चीन की जन विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ आंदोलन
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > मैक्लोडगंज में SFT संगठन ने किया चीन की जन विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ आंदोलन
himachalNews

मैक्लोडगंज में SFT संगठन ने किया चीन की जन विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ आंदोलन

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2023/09/09 at 7:39 PM
Share

धर्मशाला : राहुल चावला – दिल्ली में आयोजित हो रही दो दिवसीय G20 शिखर सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय देशों के अध्यक्ष चर्चा में शरीक होने दिल्ली पहुंच चुके हैं, ऐसे में चीन की अत्यताई नीतियों के ख़िलाफ़ निर्बासित तिब्बतियों ने अपनी आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी है ।

आज ग्लोबल सिटी मैक्लोडगंज में एस एफ टी संगठन की ओर से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का मुखोटा पहनकर टीचर की भूमिका में खड़े हुए, और उसके हाथ में छड़ी देकर उसे चाइनीज भाषा पढ़ाते हुये भी दिखाया, दरअसल निर्बासित तिब्बतियों ने इस प्रणाली के तहत दुनिया का ध्यान चीन की तिब्बतियों के ख़िलाफ़ अतिक्रमणकारी नीतियों की ओर आकर्षित करते हुये इस अंदाज में अपनी आवाज़ बुलंद की । इस दौरान निर्बासित तिब्बतियों के नन्हें मुन्ने बच्चों ने भी आंदोलन में भाग लिया ।

संगठन के तेंजिन नामग्याल ने कहा कि चीन धीरे धीरे तिब्बत की संस्कृति और सभ्यता को चीन की संस्कृति और सभ्यता में मिलाता चला जा रहा है, जिसका मुद्दा हर हाल में G20 के शिखर सम्मेलन में बाकी राष्ट्राध्यक्षों को चीन के प्रतिनिधियों के सामने उठाना चाहिए, इसी के मद्देनजर उनकी ओर से ये रोष प्रदर्शन यहां किया जा रहा है, वहीं तेंजिन पासिंग ने कहा कि चीन तिब्बत के छोटे छोटे बच्चों को अपनी मनमर्जी और जोर जबरदस्ती करके चीन के बोर्डिंग स्कूलों में भर्ती कर रहे हैं, जो कि बोर्डिंग स्कूल कम और कैदखाने ज़्यादा हैं, इन स्कूलों में तिब्बतियन सभ्यता,संस्कृति और भाषा को पढ़ाने की बजाय चीनी सभ्यता संस्कृति और भाषा पढ़ाई जा रही है ताकि तिब्बत की नस्ल को पूर्णत चीनी नस्ल में तब्दील किया जा सके, इतना ही नहीं अब तो चीन तिब्बत का नाम भी बदलकर कुछ और रख रहा है, दो महीने पहले ही उनकी ओर से ऐसी हिमाकत की गई है, तो वहीं कई स्थानों के नाम भी अब तक बदले जा चुके हैं, जिसकी वो सरासर निंदा करते हैं और ये मुद्दा हर हाल में G 20 शिखर सम्मेलन में उठना चाहिये ।

TAGGED: Dharmshala SFT organisation
Chandrika September 9, 2023
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article प्रदेश स्वतन्त्रता सेनानी संघ ने प्रदेश अध्यापक अवार्डी नीलम को किया सम्मानित
Next Article धर्मशाला में जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आगाज
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

नूरपुर में जिला परिषद चुनाव को लेकर तेज हुई सियासत, भाजपा ने झोंकी ताकत

Ago

चंबा में बड़ा हादसा टला: कोटी पुल के पास कार खाई में गिरी, पांच घायल

Ago

चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹1 लाख का योगदान दिया

Ago

बुद्ध पूर्णिमा पर मां चिंतपूर्णी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, भक्ति का दिखा अनोखा रंग

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?