गुलशन धनोआ,ज्वालामुखी(TSN): शक्तिपीठ ज्वालामुखी में शारदीय आश्विनी मेले की रविवार से शुरूवात हो गई हैं। शक्तिपीठ में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। 5 बजे सुबह आरती के बाद श्रद्धालु व स्थानीय लोग दर्शन के लिए मंदिर में सके और नवरात्रि व जागरण करने वाले माता की ज्योति अपने साथ लेकर गए।
मेले के पहले दिन पूरे मंदिर परिसर व गर्भ गृह को रंग बिरंगी लाइट्स व फूलों से सजाया गया हैं। मां के जयकारों से मां का दरबार गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। ज्वालामुखी मंदिर में सुबह विधिवत पूजा अर्चना झंडा रस्म, कन्या पूजन, घट स्थापना के साथ विधायक संजय रत्न ने नवरात्रि मेले का आगाज किया।
इस मौके पर उनके साथ डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान, मंदिर अधिकारी अनिल कुमार, न्यास सदस्य व प्रधान दिव्यांशु भूषण, अविनेद्र शर्मा व पुजारी वर्ग उपस्तिथ रहे। विधिवत मंत्रों के साथ झंडा रस्म की गई और नए झंडों की पूजा अर्चना कर उन्हें मंदिर के ऊपर स्थापित किया गया।
विधायक संजय रत्न ने सभी प्रदेशवासियों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी और बताया कि विधिवत पूजा अर्चना व झंडा रस्म के साथ प्रसाशन के सहयोग से नवरात्रि का आगाज किया गया है और माता ज्वाला प्रदेश में सुख शांति समृद्धि प्रदान करे ऐसी कामना की गईं हैं।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए प्रसाशन की तरफ से बेहतर इंतजाम किए गए हैं। पुजारी महासभा प्रधान अविनेदर शर्मा व समस्त पुजारी वर्ग ने जनता को नवरात्रों की शुभ कामनाएं दी। बता दें कि शारदीय अश्विन नवरात्र मेले 15 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक चलेंगे।
डीएसपी ज्वालामुखी विकास धीमान ने बताया कि नवरात्रि के चलते ज्वालामुखी में सुरक्षा और सुविधा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 200 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी, होमगार्ड, पुलिसकर्मी और बलंटियर तैनात किए गए हैं और जगह जगह पर पुलिस का पहरा हैं म ड्रोन कैमरे से भी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही हैं।
ममंदिर में श्रद्धालुओं की सुख सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा हैं । शहर में जगह जगह एलईडी के जरिये भी दर्शन भक्तों को करवाए जा रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से शहर को 7 सेक्टर में बांटा गया हैं। श्रद्धालु लाइनो में ही दर्शन कर रहे हैं। पुजारी महासभा प्रधान पुजारी अविनेदर शर्मा ने बताया कि आज से शारदीय नवरात्रों का भव्य आगाज हो गया है जोकि 23 अक्टूबर तक चलेगा। पहले दिन काफी संख्या में श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों ने माता ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए और माता की ज्योति लेकर घरों में स्थापित की हैं।
