अरविंदर सिंह,हमीरपुर: उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक मंदिर दियोटसिद्ध महंत आवास पर समाधिलीन महंत श्रीश्रीश्री 1008 शिव गिर जी महाराज का 19 वीं बरसी मेला धूम धाम से मनाया गया। गद्दीसीन महंत श्री श्री श्री 1008 राजेंद्र जी महाराज ने गुरु शिष्य की परम्परा को निभाते हुए संत समाज व साधूओं की जमात की उपस्तिथि में रविवार सुबह 10 बजे झंडा रस्म की आदायगी की। देश और दुनिया की आगाध श्रद्धा व अटूट विश्वास का केंद्र बन चुकी दियोटसिद्ध सिद्ध स्थली में ब्रह्मलीन महंत शिव गिर के बरसी मेले के अवसर पर महंत आवास को दुल्हन की तरह सजाया गया था।
झंडा रस्म से शुरू हुए बरसी मेले में हजारों की तादाद में श्रद्धांलुओं ने शिरकत कर बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा दिन बालयोगी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रही। पवित्र गुफा के दर्शनों के बाद महंत श्री के आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। संयोगवस 19 फ़रवरी को ब्रह्मालीन महंत श्री की बरसी रविवार के दिन होने के चलते दियोटसिद्ध नगरी बालयोगी के जयकारों से गूंजती रही।
दियोटसिद्ध की गुरुगद्दी के 13 वें महंत कहलाने वाले ब्रह्मालीन महंत शिव गिर जी के बरसी मेले में पंजाब के प्रसिद्ध कलाकारों सहित हिमाचल की सुरीली आवाज बनी बंदना धीमान ने इस दौरान बाबा बालक नाथ के भजनों से खूब समा बांधा। महंत आवास पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जगराते का आयोजन हुआ। महंत आवास प्रशासन ने श्रद्धांलुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तमाम इंतजाम किए हुए थे। श्रद्धांलुओं के लिए सारा दिन अटूट लगरा की व्यवस्था की गई थी। गुरुगद्दी पर विराजमान महंत श्री के आशीर्वाद के बाद श्रद्धालुओं ने लंगर में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान दियोटसिद्ध मंदिर अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर शशि पाल शर्मा व डीएसपी शेर सिंह ने बरसी मेले में शिरकत की। महंत श्री ने उन्हें बाबा जी का पट्टा डालकर व टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
गुरु शिष्य की परंपरा को निभाते हुए गद्दीनसीन महंत
श्रीश्रीश्री 1008 राजेंद्रर जी महाराज ने इस दौरान श्रद्धांलुओं से संवाद में कहा कि आज का युग सुविधाओं का युग हैं। इस युग में सिद्ध स्थल की प्राचीन सिद्ध परंपराओं के नैसर्गिक ज्ञान के लाभ से नई पीढ़ी वंचित हो रही हैं। नई पीढ़ी को प्राचीन सिद्ध परम्पराओं से जोड़ने के लिए दियोटसिद्ध नगर में अति आधुनिक आवासीय कमरों का निर्माण शुरू किया हैं। महंत श्री ने बरसी मेले की पावन बेल पर सिद्ध आवास के नाम से बन रही इस बहुमजिला भवन का उद्घाटन किया हैं।नई युवा पीढ़ी ओर श्रद्धालु इस आवासीय सुविधा का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश विदेश की तर्ज पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जा रही हैं,जिसके लिए दियोटसिद्ध में दो दर्जन से अधिक कमरों का निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। इसी तरह एक और आवासीय भवन का निर्माण और किया जाएगा, जिसके लिए सभी श्रद्धालु अपने इच्छा अनुसार सहयोगकरें
बाबा बालक नाथ के साक्षात प्रतिनिधि हैं गद्दीनशीन महंत,वाकसिद्धी का वरदान है प्राप्त
आदी अनंत काल से चली आ रही गुरु-शिष्य परंपरा के तहत गद्दीनशीन महंत बाल योगी बाबा बालक नाथ के साक्षात प्रतिनिधि के तौर पर विख्यात हैं। माना यह जाता है कि बाबा बालक नाथ की इस पावन धरा पर विराजमान सिद्ध गद्दी पर जो भी महंत गद्दीनशीन होता है उन्हें इस करिश्माई प्राचीन गद्दी के कारण वाकसिद्धी का वरदान प्राप्त होता हैं। यही कारण है कि गद्दी पर विराजमान महंत श्री लाखों श्रद्धालुओं की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जो वाक करते हैं, वह निश्चित तौर पर फलीभूत होता हैं। दियोटसिद्ध में गद्दीसीन महंत श्री 14 वें महंत है जो अपने गुरु के कदम चिन्ह पर चलते हुए क्षेत्र के विकास में अपना निरंतर योगदान दे रहे हैं।
1400 साल पुरानी है सिद्ध गद्दी
यूं तो दियोटसिद्ध में महंतों की प्राचीन गद्दी का इतिहास करीब 1400 साल पुराना बताया जाता हैं। सिद्ध ग्रंथ के उल्लेख के मुताबिक बाबा बालक नाथ 6वीं से 7वीं शताब्दी के बीच अवतरित हुए हैं। परम पावन कैलाश में देवाधिदेव महादेव से वरदान लेकर वह इस अवधि के दौरान दियोटसिद्ध नगर में उन्होंने अपना अखंड धूना लगाकर इसे अपना धाम बनाया था। जो कि अब तक निरंतर चला हुआ हैं।
