संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर ब्लॉक के गांव सुलयाली में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से पांच दिवसीय श्री कृष्ण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा हैं। रविवार को कथा का चौथा दिन था जिसमें नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का ओर उनके साथी भी कथा सुनने पहुंचे। इसके साथ ही हजारों की संख्या गांव के दूर दूर से लोग पहुंचे हुए थे, हालांकि लगातार मौसम के बदलते रुख से लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचते रहे ।
कथा में श्री आशुतोष महाराज की शिष्या कथा व्यास साध्वी सुश्री दिवेशा भारती उपदेश देते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण के जीवन में जहां बहुत से चेतन पात्र हैं वहीं एक ऐसा पात्र भी है जिसके बिना भगवान श्रीकृष्ण अधूरे हैं । वह हैं उनकी बांसुरी । जब वह बजती थी तो सभी को दीवाना कर देती थी। भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी भक्ति व समर्पण का प्रतीक है इसलिए तो वह कन्हैया के हाथ का यंत्र बनी। भक्ति सर्वस्व त्याग का मार्ग हैं। हमें भी संसार की आसक्ति छोड़कर प्रभु का बनना होगा । इसी में जीवन की सार्थकता और कल्याण हैं । कथा में गोवर्धन लीला प्रसंग भी सुनाया गया जो हमें समझाता है कि हमें अपनी प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए।
दिव्याज्योति जागृति संस्थान स्वामी हरिशानन्द ने कहा कि यह जो कथा है यह जीवन ज्योति संस्थान की ओर से करवाई जा रही हैं। संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज आजकल जो सनातन ज्ञान, प्रैक्टिकल ज्ञान ,ईश्वर अनुभव, ईश्वर दर्शन का प्रचार कर रहे हैं जिसका आज के समय समाज को बहुत आवश्यकता हैं अगर हम एक एक व्यक्ति को सुनाते रहेंगे तो सारा जीवन बीत जाएगा, इसलिए हम कथा रखते हैं। कथा में एक हजार दो हजार पांच हजार लोगों इकत्रित करके हम ब्रह्म ज्ञान का संदेश देते हैं, जिससे व्यक्ति के मन में शांति की अनुभूति होगी। जीवन का पता चलेगा। इस कथा में यही संदेश देते हैं कि हर व्यक्ति ईश्वर की संतान हैं। हर व्यक्ति अपने पिता ईश्वर से मिल सकता है इसके लिए हम प्रयासरत रहते हैं ।
लौहारपुरा पंचायत प्रधान कृष्ण हीर ने कहा कि दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आशुतोष महाराज के शिष्यों की ओर से बहुत ही बढ़िया सत्संग का कार्यक्रम पिछले तीन दिनों से हो रहा जिसमें इसमें सुलयाली के साथ लोकल गांवों के साथ साथ दूर दूर के इलाकों से लोग सत्संग में आ रहे हैं। लोगों में बहुत उत्साह दिखाई दे रहा और लोग ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।मैं जीवन ज्योति जागृति संस्थान का बहुत शुक्रिया करता हूं जिन्होंने हमारे यहां यह ईश्वर ज्ञान की ज्योति जागृति की हुई हैं मैं इनका धन्यवाद करता हूं ।
