नाहन/देवेन्द्र कुमार: सिरमौर जिला में सड़क दुर्घटनाए रुकने का नाम नहीं ले रही है। जिला में सालाना दर्जनों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते है और सबसे ज्यादा यहां युवा वर्ग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहा है। रिपोर्ट देखिए। जानकारी के मुताबिक अभी तक 336 सड़क हादसे सामने आए हैं। जिनमें 91 लोगों की मौत हो चुकी है। सिरमौर में जनवरी माह में सबसे अधिक 15 लोगों ने सड़क हादसे में अपनी जाने गवाई है। जबकि जून और अक्टूबर माह में 14- 14 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए है।
दुखद बात यह भी कि सड़क हादसों में जिन लोगों ने जान गवाई है, उसमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग शामिल है। पुलिस के अधिकारी भी मान रहे हैं कि जिला में लगातार सड़क हादसे पेश आ रहे है, जिसमे जानमाल का नुकसान हो रहा है।एसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि जिला में सड़क हादसों में जिन लोगों की जानें गई है, उसमे यह देखने को मिला है कि अधिकतर युवा वर्ग मौत के शिकार हो रहा है। पुलिस के मुताबिक ज्यादा हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने और तेज रफ्तार के बाद घटित हुए है । यानी साफ शब्दों में कहें तो मानवीय भूल से लगातार सड़क हादसे पेश आ रहे है।
ब्लैक स्पॉट चिन्हित पर नही उठाए जाते आवश्यक कदम
प्रशासनिक स्तर पर कई बार सड़क सुरक्षा को लेकर बैठके होती है और ब्लैक स्पॉट आईडेंटिफाई कर यहां आवश्यक कदम उठाने की बात की जाती है। मगर धरातल पर ऐसा होता नजर नहीं आता है । तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि पहाड़ों की इन सरपीली सड़को पर जरा सी लापरवाही हुई तो मौत सामने खड़ी है। क्योंकि यहां पर सुरक्षा के मद्देनजर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं लोगों की लगातार या मांग रही है कि यहां क्रैश बैरियर लगाए जाएं ताकि सड़क हादसों पर रोक लग सके, मगर लोक निर्माण विभाग क्रैश बैरियर लगाने की जहमत नहीं उठाता है । अभी तक नाम मात्र के क्रैश बैरियर स्थानों पर लगाए गए है।
ब्लैक स्पॉट के लिए थाना स्तर को आवश्यक निर्देश
एसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने बताया कि उन्होंने हाल में पदभार संभालने के बाद थाना स्तर पर सभी एसएचओ को ब्लैक स्पॉट आईडेंटिफाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यक कदम यहां पर उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान छेड़ा जाएगा जिसके जरिए लोगों से सीधा संवाद किया जाएगा।
