राहुल चावला, कांगड़ा: प्रदेश में मानसून के आते ही हालात खराब हो गए हैं। पहली ही बारिश में यहां नुकसान देखने को मिल रहा हैं। वहीं मानसून की पहली ही बारिश ने कांगड़ा प्रशासन, लाेक निर्माण विभाग और नगर परिषद की पाेल खाेल दी हैं। बरसाात में तैयारियाें काे लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले सिस्टम फेल हाे गए हैं। रविवार को बारिश के कारण कांगड़ा बस स्टैंड जलमग्न हो रहा है, लेकिन प्रशासन व विभाग बेखबर हाे आराम कर रहा हैं।
यह एक दिन की बात नहीं है, बल्कि हर बरसात में कांगड़ा बस स्टैंड जलमग्न होता रहता हैं। हर बार विभागीय कर्मचारी समस्या के स्थाई हल के बजाए निकास नाली से कूड़े को निकालकर इतश्री कर लेते हैं। इससे सवारियों व बस चालकों को दिक्कताें का सामना करना पड़ता हैं। कांगड़ा बस स्टैंड में रविवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। बस स्टैंड के बाहर निकास नाली के बंद होने के कारण पूरे बस अड्डा में पानी फैल गया। बार-बार निकास नाली के बंद होने पर दुकानदारों व सवारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना शुरू कर दिए हैं। इस कारण लोगों को दिनभर दिक्कताें का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड के बाहर निकास नाली पर बनी पुलिया में बार-बार कूड़ा फंसने के कारण समस्या आ रही हैं।
लाेगाें का कहना हैं कि निकास नाली बंद होने की वजह से बस अड्डे के बाहर से निकलने वाली निकास नाली में कूहल के पानी के साथ कचरा बहकर आ जाता है, जो कि निकास नाली में होते हुए पुलिया के नीचे फंस जाता हैं। वहीं, बस अड्डे के बाहर खोखों व रेहड़ी-फड़ी लगने के कारण कूड़ा-कचरा निकास नालियां में गिरा रहें हैं, लेकिन प्रशासन के चुप बैठते ही अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हो गए हैं।
