बिलासपुर : सुभाष ठाकुर- बिलासपुर की बंदलाधार दिन-प्रतिदिन पर्यटन, शिक्षा व स्पोर्टस कल्चर के लिए काफी प्रचलित होती जा रही है। इसी कड़ी में अब इस धार में एक और नया प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। बंदलाधार में जल्द ही सौर उर्जा पावर प्लांट लगाया जा रहा है, यानि की बंदलाधार में बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा। इसके लिए कवायद आरंभ हो गई है और सदर एसडीएम अभिषेक कुमार गर्ग द्वारा इस जगह का विजिट भी किया गया है। इसी के साथ विभाग ने 12 बीघा जमीन भी चिन्हिंत कर ली है और इसको फाइनल कर दिया है। विभाग इस जगह पर अब एफसीए की कार्यवाही शुरू कर रहा है।
जानकारी के अनुसार बिलासपुर की बंदलाधार को ग्रीन पंचायत बनाने की पूरी प्लानिंग तैयार की जा रही है। इस प्लांट के लगने से एक साल में 8 लाख यूनिट बिजली तैयार की जाएगी। जिसको बिजली बोर्ड द्वारा खरीदा जाएगा। वहीं, जानकारी यह भी है कि इस प्लांट के साथ लगते रेसिडेंट और स्ट्रीट लाइट में बिजली निःशुल्क दी जाएगी। बता दें कि इस प्लांट में 2030 तक 10 मेगावार्ट बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, इस प्रोजेक्ट को हिम उर्जा विभाग द्वारा संचालित किया जाएगा। बंदलाधार पहली बार इस बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट के साथ जुड़ने जा रही है। गौरतलब है कि बिलासपुर की बंदलाधार प्रदेश ही नहीं बल्कि विश्व के मानचित्र में भी अपनी पहचान बना चुकी है। इससे पहले यहां पर पैराग्लाडिंग का एक्रो कैंप आयोजित किया गया था, भारत की पहली सेफ एक्रो साइट में बंदलाधार को माना जाता है। इसी के साथ यहां पर हाइडो इंजीनियरिंग काॅलेज भी शुरू हो गया है। जो देश में दूसरा काॅलेज बिलासपुर जिला के बंदलाधार में है। इसी के साथ यह बंदलाधार पर्यटन की दष्टि से भी काफी विकसित की जा रही है। वन विभाग द्वारा इस साइट को टूरिज्म साइट बनाया जा रहा है।
उधर, खबर की पुष्टि करते हुए बिलासपुर सदर एसडीएम आईएएस अभिषेक कुमार गर्ग ने बताया कि बंदलाधार में सौर उर्जा पावर प्लांट लगाया जा रहा है। विभाग ने जगह चिन्हिंत कर ली है। 12 बीघा जमीन पर यह प्लांट लगाया जाएगा। इसकी कवायद आरंभ हो गई है, जल्द ही यह प्रोजेक्ट लगना शुरू हो जाएगा।
