अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): हमीरपुर शहर में आवारा कुत्तों का खौफ इतना बढ़ गया हैं। पैदल चलने वाले बुजुर्गों और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सड़कों पर घूम रहे यह कुत्ते परेशानी बन गए हैं। कोई गली मोहल्ला सड़क चौराहा ऐसा नहीं है जहां दर्जनों कुत्ते एक साथ घूम कर लोगों के लिए परेशानी न बने हो। नगर परिषद भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही हैं। इस मुद्दे को लेकर दी हमीरपुर उपभोक्ता संरक्षण संगठन ने भी नगर परिषद से समस्या को हल करने की मांग की हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने माना कि हमीरपुर शहर के कई वार्डों से आवारा कुत्तों की समस्या की शिकायतें आ रही हैं और नगर परिषद इस समस्या को हल करवाने के लिए अब पशुपालन विभाग का सहयोग लेगा ।
बता दें कि चंद महीने पहले कुत्तों की नसबंदी करने का अभियान जरूर चलाया गया था लेकिन यह अभियान भी अब पिछले काफी समय से बंद पड़ा हुआ हैं। हालत यह है कि अब आवारा कुत्तों की टोलियां आवासीय कॉलोनीयों में भी घुसकर वहां बच्चों के लिए ख़तरा बन गए हैं। उनका घर से बाहर निकल कर खेलना मुश्किल हो गया हैं। एक साथ इतनी तादाद में यह घूमते हैं कि अकेला आदमी इन्हें भगाने से भी डरता हैं। इस समस्या से निजात दिलवाने के लिए आम लोगों के अलावा दी हमीरपुर उपभोक्ता संरक्षण संगठन ने भी कई बार संबंधित प्रशासन के पास गुहार भी लगा चुके हैं लेकिन कोई उचित और पुख्ता कार्रवाई आज तक नहीं हो पाई हैं।
दी हमीरपुर उपभोक्ता संरक्षण संगठन के मुख्य संरक्षक एडवोकेट सुशील शर्मा ने कहा कि हमीरपुर शहर के अलावा निकटवर्ती पंचायत में भी आवारा कुत्तों की समस्या के चलते छोटे बच्चों के अलावा महिलाओं पर भी कुत्तों की ओर से हमला करने के समाचार मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या को नगर परिषद को गंभीरता से लेना चाहिए और समस्या के निपटारे के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए ।
नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या के निपटारे के लिए नगर परिषद की ओर से मुहिम शुरू की गई थी और इसके तहत कुछ महीने पहले करीब 120 कुत्तों की नसबंदी की गई थी उसके बाद अभियान अभी बंद पड़ा हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग के साथ मिलकर इसे दोबारा शुरू किया जाएगा ताकि आवारा कुत्तों की समस्या से छुटकारा मिल सके ।
