Shimla, Sanju(TSN):देवभूमि क्षत्रिय संगठन द्वारा स्वर्ण आयोग के गठन और अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना को बंद करने की मांग को लेकर आज प्रदेश सचिवालय में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल के साथ अहम बैठक हुई। संगठन की ओर से यह दो प्रमुख मुद्दे सरकार के समक्ष उठाए गए।
संगठन ने उठाई दो प्रमुख मांगें
देवभूमि क्षत्रिय संगठन के अध्यक्ष रूमित ठाकुर ने कहा कि सरकार को अंतरजातीय विवाह योजना की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने इसे एक प्रोत्साहन राशि की बजाय “फिरौती” जैसा करार दिया और सुझाव दिया कि यह सहायता राशि गरीब बेटियों के विवाह के लिए उपयोग होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने स्वर्ण आयोग के गठन की मांग को दोहराया, ताकि सवर्ण वर्ग के हितों का प्रतिनिधित्व और संरक्षण हो सके।
मंत्री बोले – सबको है अपनी बात रखने का अधिकार
बैठक के बाद मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि संगठन द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता और अभिव्यक्ति का अधिकार देता है, और हर वर्ग अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं इस मुद्दे पर संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे।
