मंडी : परी शर्मा – ऊहल चरण तृतीय परियोजना चुल्ला का दौरा एसजेवीएन लिमिटेड की टेक्निकल टीम द्वारा किया गया। जहां उन्होंने पेनस्टाक की देखरेख सहित पावर हाउस का जायजा लिया। कयास यह लगाए जा रहे हैं कि एसजेवीएन लिमिटेड साल 2024 तक इस पावर प्रोजेक्ट को पूरा कर ले लेगी।
एसजेवीएन 2024 तक पावर प्रोजेक्ट को करेगी पूरा
तहसील लडभड़ोल क्षेत्र की 100 मैगावाट ऊहल चरण तृतीय परियोजना चुल्ला का काम में साल के भीतर फरमान जारी करने वाले प्रदेश विद्युत बोर्ड के चेयरमैन द्वारा अब परियोजना की मरम्मत व इसको शुरू करने को लेकर सतुजल जल विद्युत निगम लिमिटेड को पत्र लिखा था। जिसके बाद यह बात साफ हो गयी है कि विद्युत व्यास वैली पावर कॉर्पोरेशन ने परियोजना के निर्माण कार्य को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिये है या बोर्ड का भरोसा अपने ही विद्युत व्यास वैली पावर कार्पोरेशन पर से उठ गया है। ऊहल चरण तृतीय परियोजना चुल्ला का दौरा एसजेवीएन लिमिटेड की टेक्निकल टीम द्वारा किया गया।जहां उन्होंने पेनस्टाक की देखरेख सहित पावर हाउस का भी दौरा किया।कयास यह लगाए जा रहे हैं कि एसजेवीएन लिमिटेड साल 2024 तक इस पावर प्रोजेक्ट को पूरा कर ले लेगी।
टेस्टिंग के दौरान फट गया था पेनस्टाक
बता दे कि 17 मई 2020 की रात को टेस्टिंग के दौरान पेनस्टाक फट गया था।कम्पनी इस परियोजना को शुरू करके 5 वर्षो बाद बोर्ड को सौंप देगी। 432 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का शिलान्यास तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने 2004 में किया था। वर्ष 2008 में पूरी होने वाली यह परियोजना अब 2300 करोड़ के पार पहुंच चुकी है।
