अनिल कुमार, किन्नौर: किन्नौर विधानसभा से इस बार जहां भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी चुनावी मैदान में है तो वहीं भाजपा से बागी हुए पूर्व विधायक किन्नौर तेजवंत सिंह नेगी भी चुनावी मैदान में उतरे हैं। आजाद प्रत्याशी के तौर पर तेजवंत सिंह नेगी किन्नौर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं और यही वजह है कि वह किन्नौर के दुर्गम क्षेत्रों में जाकर भी अपना चुनावी प्रचार करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। तेजवंत सिंह नेगी अपने समर्थन में गांव-गांव जाकर वोट भी मांग रहे है। पूर्व विधायक किन्नौर तेजवंत सिंह नेगी ने मंगलवार से जिला के दुर्घम ग्रामीण क्षेत्रों क़ा चुनावी दौरा शुरू किया है।
इस दौरान उनके साथ उनके समर्थकों की भीड़ भी देखने को मिल रही है। उन्होंने आज जिला के सांगला घाटी के चाँसू, सापनी, बटुरी, कनाई, शौंग, बरुआ जैसे ग्रामीण क्षेत्रों मे पैदल चलकर अपने लिए इस विधानसभा चुनावों में समर्थन जुटाने क़ा काम किया क्योंकि आजाद उम्मीदवार के तौर पर उन्हें चुनाव लड़ना किसी चुनौती से कम नहीं है। वहीं भाजपा से सूरत नेगी व कांग्रेस प्रतियाशी सूरत नेगी भी चुनावी मैदान मे उतरे हुए है ऐसे में जनता का विश्वास कौन जीतता है यह तो समय ही बता सकता है।
बता दें कि पूर्व विधायक किन्नौर तेजवंत सिंह नेगी को सोमवार शाम भाजपा प्रदेश संगठन की ओर से पार्टी से अनुशासन हीनता के चलते निष्कासित किया है। इसके पीछे कई वजह यह हैं कि वे भाजपा प्रतियाशी सूरत नेगी के विरोध में आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान मे उतरे है। ऐसे में भाजपा संगठन ने उन पर कार्रवाई करते हुएउन्हें पार्टी से निष्काषित किया है, लेकिन इसका नुकसान भाजपा को कितना होता है यह 8 दिसंबर को चुनाव परिणामों मे देखने को मिलेगा। तेजवंत सिंह नेगी इस से पहले भाजपा से चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके है। जिसमें उन्हें तीन बारे हार व एक बार सफलता हासिल हुई थी, लेकिन इस बार उन्हें भाजपा से टिकट नहीं मिलने की सूरत में वे आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे है।
