राहुल चावला, धर्मशाला: आतंकवादी, नक्सलवादी, मानवता के शत्रु हैं और विकास व शांति के बाधक हैं, इसलिए प्रदेश की सरकारों और भारत सरकार से हमारा आग्रह है कि आतंकवादियों और नक्सलवादियों को आयरन हैंड डीलिंग मिलनी चाहिए। यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने धर्मशाला में कही।
उन्होंने कहा कि आज भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। दुनिया की दूसरी ताकतें और देश युद्ध की बात करते हैं, शस्त्र बनाते हैं, शस्त्रों से लड़वाते है। हमने तय किया है कि दुनिया युद्ध मुक्त हो, लेकिन दुर्भाग्य से चीन, रूस और अमेरिका युद्ध का रूप बन गए हैं, जबकि हम चाहते हैं कि यह देश शांति और सदभाव का मॉडल बनें। भारत में आंतकवाद, नक्सलवाद, धर्मांतरण को बढ़ावा देने की वाली ताकतों की कोई मदद करता है तो देश की जनता ऐसी ताकतों का मुकाबलना करने में सक्षम है।
धर्मशाला पहुंचे इंद्रेश कुमार ने जहां आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, वहीं विजय दशमी पर्व पर शस्त्र पूजन भी किया। उन्होंने कहा कि भारत में 35 करोड़ लोग अपने-अपने धर्म के आधार पर अपने इष्ट की अराधना करते हैं, ऐसे में जो काफिर शब्द कहा जाता है, भारत में ऐसा कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि विजय दशमी के दिन ही वर्ष 1925 में आरएसएस की स्थापना हुई थी। विजयदशमी का दिन पूरे विश्व के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन है।
उन्होंने कहा कि भारत के इंच-इंच और जन-जन की रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि हम नक्सलवाद, माओवाद और आतंकवाद से आंतरिक तौर पर निपटने में सफल रहे हैं, देश की सीमाओं पर हमारी सेनाएं सुदृढ़ हैं। बलिदान देंगे, पर एक इंच नहीं जाने देंगे, जन को मरने नहीं देंगें का विचार भी आता है
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर संघ का नेटवर्क हर गांव व हर घर तक पहुंचे, इस पर कार्य करेंगे। भारत को संकुचित और संप्रदायी कहना, अज्ञान, अत्याचार और अन्याय है, ऐसा नहीं करना चािहए।
पीओके पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि जेएंके से धारा 370 और 35ए को हटाकर भारत ने दो बातों के संकेत दे दिए हैं, कश्मीरी नेता कहते थे कि घाटी में कोई तिरंगा उठाने वाला नहीं होगा। हमने साढ़े सात लाख स्थानों पर तिरंगा लहराया, पूरी दुनिया ने देखा, पीएफआई पर बैन लगाया। संसद में भारत सरकार ने उदघोषित किया है कि जब हमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की बात करते हैं तो उसमें पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) आता है, इसलिए पीओके मिलाकर ही हम सोचते हैं, इसलिए भारत ने अपनी नीति और आने वाले कल की नियति घोषित कर दी है।
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश में मुस्लिम और ईसाइ जो हैं उनमें 98 से 99 फीसदी कन्वर्टी हैं, उनके पूर्वजों, जाति गौत्र पर जाएं तो सभी भारतीय हिंदू दिखाई देते हैं। इसका एहसास उन्हें होना शुरू हो गया है। हाल ही में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जब मौलाना के घर, मस्जिद में गए तो उस दौरान कहा गया कि मुसलमानों को मुसलमान नहीं, बल्कि भारतीय हिंदुस्तानी के तौर पर डील किया जाए।
