विकास शर्मा, चिंतपूर्णी : कहते हैं कि मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो या आपके भगवान के प्रति इतनी श्रद्धा और आस्था हो तो कोई भी कठिनाई आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है रोहतक के हरिदास है जो रोहतक से पैदल ही हिमाचल के शक्तिपीठों की यात्रा करने के लिए निकले हैं रोहतक से 2 महीने पहले हरिदास में अपनी धार्मिक यात्रा शुरू की थी अब वह हिमाचल पहुंच कर यहां मंदिरों के दर्शन कर रहे हैं।
55 वर्षीय हरिदास शुक्रवार को सुबह साढ़े सात बजे अपनी पैदल यात्रा के दौरान चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचे।हाथों में झंडा लिए और पीठ पर भार उठाए मां के भक्त हरिदास ने बताया कि दो महीने पहले उन्होंने रोहतक से यह पैदल यात्रा शुरू की थी और सबसे पहले माता वैष्णों देवी फिर चामुंडा, कांगड़ा, ज्वालाजी और अब चिंतपूर्णी मां के दरबार पहुंचे है ओर इसके बाद वह नैनादेवी जाएंगे।
इस यात्रा के दौरान हरिदास दिन में तो अपनी यात्रा जारी रखते है जबकि रात के समय वह किसी सरायं या खाली जगह देखकर रात गुजार लेते हैं। उन्होंने ब बताया कि उनके दर्शनों के 7 दिन ही रह गए है अभी तक उन्हें किसी भी प्रकार की कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा है ओर माता रानी के आशीर्वाद से यह यात्रा सुखद रही है।
