बिलासपुर : सुभाष ठाकुर – हिमाचल प्रदेश को देवभूमि यूं ही नहीं कहते, यहां हर गांव में किसी न किसी घटना से जुड़ा कोई न कोई किस्सा आपको मिल जाएगा । यहां की प्रकृति में असंख्य औषधिया छिपी है जिनसे अनेको रोगों का इलाज प्राकृतिक तौर पर सम्भव है । ऐसा ही एक तालाब हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर की घुमारवीं तहसील की ग्राम पंचायत दधोल में स्थित है, जहां पर स्नान करने से चर्म रोगों से मुक्ति मिलती है ।
मंगलवार व शनिवार को स्नान करने आते हैं यहां
इस तालाब को चरड कुंड मंगलौत के नाम से जाना जाता है ।लेकिन सरकारी उपेक्षा के कारण बदहाली का शिकार है। धार्मिक आस्था के अनुसार लोग यहां मंगलवार व शनिवार को स्नान करने आते हैं। मान्यता के अनुसार जो यहां चर्म रोग निवारण के लिए स्नान करता है, स्नान करने के बाद काफी हद तक उन्हें राहत मिलती है। इन्हीं मान्यताओं के कारण लोग आज भी दूरदराज से इस कुंड के चमत्कारिक पानी से नहाने आते हैं। ये कुंड आज भी लोगों की आस्था का प्रतीक है। कुंड के पास शिव मंदिर है और श्मशानघाट भी है, यह कुंड चारों तरफ से पहाड़ियों से घिरा है । इसमें गिरने वाला पानी झरने के रूप में गिरता है, जहाँ ग्रामीण युवक अठखेलियाँ करते नजर आते हैं।
कुंड का इतिहास है रोचक
इस कुंड का इतिहास बहुत रोचक है ।दन्त कथा के अनुसार अगर किसी के घर में कोई यज्ञ भंडारा होता था, तो शाम को याचक भंडारे के लिए बर्तनो की अपनी मांग यहां रखता था, सुबह उतने बर्तन उसे किनारे पर मिलते थे। लेकिन एक बार किसी ने बिना धोये जूठे बर्तन वापिस कर दिए। उसके बाद बर्तन मिलने बंद हो गए।। वहीं बुजुर्गों के अनुसार आज तक कोई भी इस कुंड की गहराई नहीं माप पाया है। स्थानीय लोगो का कहना है कि यह कुंड प्रशासन व सरकार की उपेक्षा का शिकार है ।अगर इसका जीर्णोद्धार किया जाए तो यह स्थान सैलानियों के लिए दार्शनिक रमणीय हो जाएगा।
