संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी 10वीं कक्षा तक कि पढ़ाई जिस स्कूल में की मंगलवार को मुख्यमंत्री ने उसी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। अपने ही इस स्कूल में आयोजित वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचने पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जहां मुख्यमंत्री ने स्कूल के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया तो वहीं अपने साथ पढ़ने वाले दोस्तों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल में बिताए गए अपने दिनों को भी याद किया और साथ ही अपने साथ पढ़ने वाले सहपाठियों के साथ भी अपनी यादें सांझा की।
इस मौके पर उनके शिक्षक भी उनसे मिले, उनको भी सीएम ने सम्मानित किया। स्कूली बच्चों ने इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एक सरकारी स्कूल से पढ़ा हुआ व्यक्ति भी मुख्यमंत्री बन सकता हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए वह बच्चों के मनोबल को बढ़ाने के लिए स्कूल में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़े-लिखे शिक्षक होते हैं और वहीं अच्छी पढ़ाई होती हैं, लेकिन देखा देखी में लोग आज निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में सरकार डे बोर्डिंग स्कूल भी शुरू करने जा रही हैं, ताकि सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का झुकाव हो सके और बच्चे अपने आप को किसी से भी कम न समझे। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ,शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राज्यपाल से की मुलाक़ात, उनकी हालत में हैं सुधार
राज्यपाल के स्वास्थ्य के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको स्टंट पड़ा हैं। वह राज्यपाल से मिलने अस्पताल पहुंचे थे उनकी हालत में सुधार हैं।
केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष उठाए है हिमाचल के हित के मुद्दे
मुख्यमंत्री ने कहा की दिल्ली दौरे के दौरान वह केंद्रीय मंत्रियों से भी मिले हैं।इस दौरान उन्होंने हिमाचल के हितों को केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष उठाया हैं। खासकर फॉरेस्ट क्लीयरेंस को लेकर मांग उठाई गई हैं क्योंकि बहुत से मामले फॉरेस्ट क्लीयरेंस की वजह से रुके हुए हैं।
