Hamirpur, Arvind-:प्रदेश सरकार द्वारा पटवारी भर्ती प्रक्रिया में सभी अभ्यर्थियों के लिए एक समान शुल्क निर्धारित करने के निर्णय का राजपूत महासभा ने जोरदार स्वागत किया है। महासभा का कहना है कि यह फैसला न केवल संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करता है, बल्कि जातीय भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में भी एक सकारात्मक और ठोस पहल है।
राजपूत महासभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर ने कहा कि सरकार का यह निर्णय समाज के हर वर्ग के हित में है और इससे यह संदेश जाता है कि अवसरों के मामले में सभी नागरिक समान हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में जाति के आधार पर अलग-अलग शुल्क तय करना सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देता है, जबकि समान शुल्क व्यवस्था समाज को एकजुट करने का काम करती है।जोगिंदर ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजपूत महासभा इस निर्णय के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और सरकार को किसी भी प्रकार के दबाव में आकर अपने फैसले से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी वर्ग को शुल्क को लेकर आपत्ति है, तो समाधान जातीय आधार पर नहीं बल्कि सभी वर्गों के लिए शुल्क में कमी या आर्थिक आधार पर छूट देने के रूप में निकाला जाना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि गरीबी और अमीरी किसी जाति की मोहताज नहीं होती। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग में भी संपन्न लोग हैं, वहीं सामान्य वर्ग में भी अत्यंत गरीब परिवार मौजूद हैं। ऐसे में केवल जाति के आधार पर सुविधाएं तय करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
महासभा के महासचिव ने सरकार से आग्रह किया कि सामाजिक न्याय और समानता की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए भविष्य में सभी सरकारी सुविधाओं और रियायतों के लिए आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी जाए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंच सके और सर्वसमाज का संतुलित विकास संभव हो सके।
