Una, Rakesh-:जिला प्रशासन द्वारा ऊना शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और नो वेंडर जोन लागू करने के बाद जहां एक ओर सड़कों पर जाम से राहत मिली है और शहर की यातायात व्यवस्था पहले से बेहतर नजर आ रही है, वहीं दूसरी ओर इसका सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ता दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही चालान कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
नो वेंडर जोन लागू होने के बाद शहर में अतिक्रमण और रेहड़ी-फड़ी लगभग समाप्त हो गई हैं, जिससे सड़कें खुली और व्यवस्थित दिख रही हैं। पुलिस द्वारा ट्रैफिक नियमों के सख्ती से पालन के चलते येलो लाइन के भीतर खड़े वाहनों के भी चालान किए जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि इसी वजह से ग्राहक बाजार आने से कतराने लगे हैं, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है।इसी मुद्दे को लेकर आज ऊना के व्यापारी एकजुट हुए और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। व्यापारियों ने एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। मीडिया से बातचीत करते हुए व्यापारियों ने कहा कि येलो लाइन के भीतर वाहन खड़े करने पर हो रहे चालानों से ग्राहक डर रहे हैं और बाजार की रौनक कम हो गई है, जिससे वे आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं।
व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो वे सामूहिक रूप से अपनी दुकानें बंद कर प्रशासन को चाबियां सौंपने और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि वे ट्रैफिक सुधार और नो वेंडर जोन के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन येलो लाइन में खड़े वाहनों पर जबरन चालान किए जाने से उनका कारोबार चौपट हो रहा है। व्यापारियों ने मांग की कि प्रशासन इस पर कोई व्यवहारिक समाधान निकाले और व्यापारियों के हितों को भी ध्यान में रखे।
वहीं इस पूरे मामले पर नगर निगम कमिश्नर एवं एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की समस्याओं पर जिला उपायुक्त के साथ चर्चा कर जल्द ही उचित समाधान निकाला जाएगा, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था भी बनी रहे और व्यापार भी प्रभावित न हो।
