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राजधानी शिमला में धूमधाम से मनाया गया निर्जला एकादशी का पर्व,जगह-जगह लगाई गई छबीले

admin
admin 3 Min Read
Updated 2023/06/01 at 10:54 AM
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संजु चौधरी, शिमला: सालभर में 24 एकादशी तिथि होती हैं इनमें से सभी एकादशी को अलग-अलग नामों से जाना जाता हैं। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित हैं। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाता हैं। यह निर्जला एकादशी बुधवार को पूरे प्रदेश में मनाई गई। वहीं राजधानी शिमला में भी निर्जला एकादशी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। शिमला में विभिन्न संस्थाओं की ओर से जगह-जगह फल और मीठे पानी की छबीले लगाई गई और लोगों ने मीठे पानी का स्वाद लिया।
इस पर्व पर लोगों की ओर से रिज पर,रोटरी टाउन हॉल के ऊपर,गेयटी के पास,लोअर बाजार,संजौली, छोटा शिमला और टूटू में मीठा पानी और फल बांटे गए। पंडित प्रेम शर्मा ने बताया कि  निर्जला एकादशी के दिन व्रती को बिना जल ग्रहण किए व्रत करना होता हैं। मान्यता है कि इस निर्जला एकादशी व्रत का फल साधक को अनंत गुना फल देने वाला होता हैं।  यदि वह इस व्रत का पालन सच्ची लगन और श्रद्धा के साथ करता हैं तो साधक को इसका फल जरूर प्राप्त होता हैं।
उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु को समर्पित इस एकादशी-व्रत में हमें दो तिथियों में बिना जल के रहना पड़ता हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले निर्जला एकादशी के दिन स्नान-ध्यान कर जल से आचमन करना चाहिए। फिर भगवान विष्णु की, अपने इष्ट देव की पूजा करें। इसके बाद निर्जला एकादशी की कथा सुनें और सुनाएं। इस तरह से निर्जला एकादशी का व्रत शुरू होता हैं। इस एकादशी के दिन किसी भी प्रकार से जल ग्रहण करना वर्जित हैं, इसलिए इस एकादशी का व्रत रखने वालों को पूरे दिन और रात बिना जल ग्रहण किए रहना चाहिए।
निर्जला एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि 30 मई दोपहर 01:09 बजे से शुरू हो रही है, लेकिन व्रत सूर्य उदय से शुरू होगा यानी 31 मई, 2023 को निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा और द्वादशी तिथि को श्रद्धालु अपना व्रत तोड़ सकते हैं, जो 1 जून, 2023 को 01 बज कर 40 मिनट पर समाप्त होगा.
TAGGED: celebrated, Chhabiles, festival, Nirjala Ekadashi, Shimla, various places
admin June 1, 2023
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